*हिमाचल में वाहनों की एंट्री फीस बढ़ोतरी पर संगठनों का विरोध*
मनोज शर्मा, चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेश में वाहनों की एंट्री फीस में की गई भारी बढ़ोतरी को लेकर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों में रोष व्याप्त है। हिंद संग्राम परिषद (रजि.) ट्राईसिटी, हिम एकता वेलफेयर महासंघ (रजि.) हरियाणा तथा सिद्ध जोगी सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट (रजि.) हरियाणा ने संयुक्त रूप से इस निर्णय का कड़ा विरोध जताया है।
संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि हिमाचल सरकार द्वारा वाहनों की एंट्री फीस में की गई वृद्धि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों और प्रवासी हिमाचलियों के साथ अन्याय है। उन्होंने इसे "तुगलकी फरमान" करार देते हुए कहा कि पहले छोटे वाहनों की एंट्री फीस 40 रुपये थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 70 रुपये किया गया और अब इसे सीधे 170 रुपये कर दिया गया है, जो अत्यधिक है।
उन्होंने कहा कि इस फैसले का असर न केवल आम लोगों पर पड़ेगा, बल्कि हिमाचल के धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। संगठनों का मानना है कि यदि शुल्क बढ़ाना ही था, तो इसे अधिकतम 100 रुपये तक सीमित रखा जा सकता था।
इसके अतिरिक्त, संगठनों ने ट्रैक्टर जैसे कृषि वाहनों पर भी 100 रुपये की एंट्री फीस लगाने पर आपत्ति जताई और इसे किसान विरोधी निर्णय बताया। साथ ही, पेट्रोल के दाम में 5 रुपये की बढ़ोतरी को भी आम जनता पर अतिरिक्त बोझ करार दिया गया।
संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो इसका विरोध और तेज किया जाएगा। उन्होंने हिमाचल सरकार से मांग की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए या इसमें संशोधन किया जाए।