मिर्जापुर: कोल-मुसहर-धरकार को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग, मड़िहान तहसील पर धरना-प्रदर्शन
मिर्जापुर: कोल-मुसहर-धरकार को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग, मड़िहान तहसील पर धरना-प्रदर्शन
मिर्जापुर जिले के मड़िहान तहसील क्षेत्र में शुक्रवार को दलित कोल आदिवासी संगठन के तत्वावधान में कोल, मुसहर और धरकार समुदाय के लोगों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन और महाजन सभा का आयोजन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग मड़िहान तहसील परिसर में एकत्र हुए और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई।
सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोल, मुसहर और धरकार जातियों को अनुसूचित जाति में रखा गया है, जबकि पड़ोसी राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में इन जातियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया गया है। वक्ताओं का कहना था कि आजादी के 77 वर्ष बाद भी इन समुदायों का समुचित विकास नहीं हो सका है, इसलिए इन्हें अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाना आवश्यक है।
धरना-प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन तहसील प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखते हुए कहा गया कि उत्तर प्रदेश में कोल, मुसहर और धरकार जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाए। साथ ही वन अधिकार अधिनियम 2006-07 को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। जंगल के किनारे बसे आदिवासी परिवारों के घर न गिराए जाएं तथा भूमिहीन आदिवासियों को जहां वे वर्तमान में रह रहे हैं वहीं आवासीय और कृषि भूमि का पट्टा दिया जाए। इसके अलावा आदिवासियों पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमों को वापस लेने की भी मांग की गई।
सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आगे भी आंदोलन जारी रखा जाएगा।
इस अवसर पर सरोज सरगम आदिवासी, महेश प्रसाद कोल, गोपीनाथ कोल, कुसुम कुमारी, रामबली, हीरामणि कोल, अर्जुन कोल, सुरेश कुमार बौद्ध, रज्जन कोल, रामनारायण कोल (अमोई), महेंद्र कोल (अमोई), दिनेश कोल (अमोई), तेजनरायण (पचोखरा खुर्द), लालचंद (हिनौता) सहित कोल, मुसहर और धरकार आदिवासी समुदाय के काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।..रिपोर्ट अनिल कुमार