जल सेवा, हरित संदेश और शिक्षा सम्मान का संगम: श्रीपुरा गर्ल्स स्कूल में प्रभात कुमार तैलंग की स्मृति में भव्य कार्यक्रम
कोटा/श्रीपुरा गर्ल्स स्कूल में स्वर्गीय प्रभात कुमार तैलंग की पुण्य स्मृति में एक प्रेरणादायी एवं बहुआयामी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा के प्रति सम्मान का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। कार्यक्रम के अंतर्गत जल मंदिर का विधिवत शुभारंभ, वृक्षारोपण अभियान, बालिकाओं का सम्मान तथा मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत जल मंदिर के लोकार्पण के साथ हुई। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए आमजन एवं राहगीरों के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की यह पहल सराहनीय रही। उपस्थित अतिथियों ने इस सेवा कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इसके पश्चात पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ वृक्षारोपण किया गया। अतिथियों एवं विद्यार्थियों ने मिलकर पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बालिकाओं के सम्मान का विशेष आयोजन भी किया गया, जिसमें शिक्षा एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया।
शाला के प्रिंसिपल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पंचायत राज एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास की सबसे बड़ी कुंजी है और ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में डॉक्टर भालचंद तैलंग, प्रदेश प्रवक्ता पंकज मेहता, शिक्षा विभाग के अधिकारीगण एवं शाला प्रबंधन समिति के सदस्य भी मौजूद रहे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री के विशेष अधिकारी सतीश गुप्ता, रामचरण मीणा, रूप सिंह मीणा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं अभिभावक भी उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय प्रभात कुमार तैलंग के सामाजिक योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य प्रीति त्रिवेदी द्वारा सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
पूरे आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। यह कार्यक्रम न केवल एक श्रद्धांजलि था, बल्कि समाज सेवा, पर्यावरण जागरूकता और शिक्षा के प्रति समर्पण का एक सशक्त संदेश भी बनकर सामने आया।