असम के जोरहाट जिले में पुलिस ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए ULFA (S.A.) के नाम पर संचालित एक संगठित उगाही गिरोह का पर्दाफाश किया है। :-
इस मामले में मुख्य आरोपी भक्तिधर दास को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया, जिसे इस आपराधिक नेटवर्क की एक प्रमुख कड़ी माना जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में उग्रवादी नाम का दुरुपयोग कर हो रही अवैध गतिविधियों पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद की गई गहन पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। आरोपी ने अपने अन्य साथियों के बारे में भी खुलासा किया है, जिसके आधार पर पुलिस ने कम से कम चार अन्य सहयोगियों की पहचान की है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इन आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन सभी आरोपी मौके से फरार पाए गए। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है।छापेमारी के दौरान पुलिस को कई आपत्तिजनक और संदिग्ध सामग्री हाथ लगी है, जिनमें ULFA (S.W.) से जुड़े कथित पैड, बड़ी संख्या में मोबाइल सिम कार्ड, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री शामिल हैं। इन बरामद वस्तुओं से यह संकेत मिलता है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बनाकर उगाही कर रहा था और इसके लिए तकनीकी संसाधनों का भी इस्तेमाल कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने ‘पनिसकुआ’ नामक एक व्यवसायी से ₹15 लाख से अधिक की राशि की मांग की थी। आरोपियों ने प्रतिबंधित संगठन के नाम का भय दिखाकर व्यापारियों और आम नागरिकों को डराने और उनसे पैसे वसूलने का प्रयास किया। इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही थीं। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान आरोपी भक्तिधर दास के कब्जे से एक अमेरिकी निर्मित पिस्तौल भी बरामद की है। इसके अलावा, प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क का संबंध लगभग 32 अवैध हथियारों से हो सकता है। इससे क्षेत्र में अवैध हथियारों के प्रसार और संभावित आपराधिक गतिविधियों को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आने वाले दिनों में कई और अहम खुलासे होने की संभावना है। साथ ही, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी और निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उग्रवादी संगठन के नाम पर उगाही या भय फैलाने की गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम नागरिकों और व्यापारियों से भी अपील की गई है कि वे ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल या मांग की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस कार्रवाई को असम में उग्रवाद के नाम पर चल रहे अवैध आर्थिक नेटवर्क पर एक बड़ा और निर्णायक प्रहार माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में ऐसे गिरोहों पर लगाम कसने में मदद मिलने की उम्मीद है।