Election Mode ON: 10 दिन में 400 करोड़ जब्त, 100 मिनट में शिकायतों का निपटारा
निर्वाचन से ठीक पहले, चुनाव आयोग की सख्ती साफ दिखाई दे रही है। असम समेत 5 राज्यों में पिछले 10 दिनों के भीतर 400 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और अन्य प्रलोभन सामग्री ज़ब्त की गई है।
सिर्फ ज़ब्ती ही नहीं, बल्कि ‘C-Vigil’ ऐप के ज़रिए जनता भी पूरी तरह एक्टिव है — अब तक 70,000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जो चुनावी पारदर्शिता की ओर एक बड़ा संकेत है।
आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए 24 मार्च को चुनाव आयोग ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें 5 चुनावी राज्यों और उनसे जुड़े 12 राज्यों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। इसमें मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुख मौजूद रहे।
👉 बैठक के बड़े फैसले:
🔹 बेहतर समन्वय: सभी विभागों के बीच तालमेल मजबूत करने पर जोर
🔹 निष्पक्ष चुनाव: हिंसा, डर और लालच से मुक्त मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश
🔹 तेज़ कार्रवाई: शिकायतों का निपटारा 100 मिनट के अंदर करने का लक्ष्य
🔹 कड़ी निगरानी: 5,000 से ज्यादा फ्लाइंग स्क्वायड और सर्विलांस टीमें तैनात
26 फरवरी से 25 मार्च के बीच, देशभर में जब्ती का आंकड़ा चौंकाने वाला है:
💰 97.44 करोड़ रुपये नकद
🍾 16.3 लाख लीटर शराब (मूल्य 37.68 करोड़ रुपये)
💊 167.38 करोड़ रुपये के ड्रग्स
🥇 23 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं
🎁 163.30 करोड़ रुपये के मुफ्त उपहार
👉 कुल मिलाकर 408.82 करोड़ रुपये की अवैध सामग्री जब्त की गई।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सख्ती के साथ-साथ आम जनता को किसी तरह की असुविधा न हो, इसका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर शिकायत समितियां बनाई गई हैं।
📱 अब हर नागरिक सीधे ‘C-Vigil’ ऐप या 1950 हेल्पलाइन नंबर के जरिए आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कर सकता है।
15 मार्च से 25 मार्च के बीच:
📊 70,144 शिकायतें दर्ज
✅ 70,831 का निपटारा
⚡ 96.8% शिकायतों का समाधान 100 मिनट के भीतर
👉 साफ है — इस बार चुनाव सिर्फ वोट का नहीं, बल्कि सिस्टम की पारदर्शिता और जनता की भागीदारी का भी इम्तिहान है।