विशेष रिपोर्ट: विकास की भेंट चढ़ीं पिपरिया दुलई की सड़कें, जल जीवन मिशन बना ग्रामीणों के लिए मुसीबत!
पीलीभीत (पूरनपुर): उत्तर प्रदेश सरकार एक ओर गड्ढामुक्त सड़कों का दावा कर रही है, वहीं जनपद पीलीभीत के पूरनपुर विकासखंड का ग्राम पिपरिया दुलई प्रशासनिक उपेक्षा की एक अलग ही कहानी बयां कर रहा है। यहाँ विकास के नाम पर बिछाई गई पाइपलाइन ने ग्रामीणों का चलना दूभर कर दिया है।
3 साल का लंबा इंतजार, पर सड़कें आज भी बदहाल
अटल भारतीय हिंदू फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष अजय प्रकाश पांडे ने ग्रामीणों के साथ मिलकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अजय पांडे का आरोप है कि लगभग 3 साल पहले जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने के लिए गाँव की गलियों को खोदा गया था। नियमानुसार, पाइपलाइन बिछाने के कुछ ही दिनों के भीतर सड़कों की मरम्मत (Restoration) हो जानी चाहिए थी, लेकिन विभागीय लापरवाही और अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते आज ये सड़कें 'गड्ढों' में तब्दील हो चुकी हैं।
भ्रष्टाचार और बंदरबांट के आरोप
जिला अध्यक्ष अजय प्रकाश पांडे ने केवल सड़कों के मुद्दे पर ही नहीं, बल्कि गाँव में हो रहे विकास कार्यों में व्यापक भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा किया है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि गाँव में सरकारी धन का 'बंदरबांट' किया जा रहा है। उन्होंने शासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत के कार्यों की निष्पक्ष जांच हो ताकि जनता की कमाई का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़े।
मीडिया के जरिए लगाई गुहार
जब स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग ने ग्रामीणों की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया, तो थक-हारकर ग्रामीणों ने मीडिया का सहारा लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर सड़कों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं और बारिश के समय स्थिति और भी नारकीय हो जाती है।
बड़ा सवाल:
अब देखना यह है कि क्या पीलीभीत प्रशासन इस खबर का संज्ञान लेकर पिपरिया दुलई की सड़कों की सुध लेगा, या फिर 'डिजिटल इंडिया' के दौर में इस गाँव की जनता इन्हीं धूल भरे गड्ढों में अपना भविष्य तलाशती रहेगी?