फतेहपुर: 80% दिव्यांग को मिला आवास, लेकिन जमीन पर दबंग का कब्जा—न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित
📍 फतेहपुर | ब्लॉक देवमई (बकेवर बुजुर्ग)
जनपद फतेहपुर के देवमई ब्लॉक क्षेत्र के बकेवर बुजुर्ग गांव से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां 80% दिव्यांग राकेश शुक्ला अपने ही आवास की जमीन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
पीड़ित राकेश शुक्ला, पुत्र रविंद्र शुक्ला, पिछले 35-40 वर्षों से गांव में रह रहे हैं, लेकिन आज तक उनके पास न तो स्थायी घर है और न ही खुद की जमीन। हालात ऐसे रहे कि उन्हें कभी पंचायत भवन, कभी स्कूल परिसर तो कभी सरकारी जमीन पर जीवन गुजारना पड़ा।
कई बार प्रशासन से गुहार लगाने के बाद ग्राम प्रधान की पहल पर उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ मिला। 09 अप्रैल 2024 को जारी पत्रांक 355 के तहत आवास स्वीकृत हुआ, लेकिन जमीन के अभाव में निर्माण नहीं हो सका। इसके बाद लेखपाल द्वारा गाटा संख्या 233 (पुरानी आबादी) में 20×40 भूमि आवंटित किए जाने की संस्तुति की गई।
पीड़ित का आरोप है कि गांव के ही रविंद्र त्रिपाठी ने उक्त जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया, जिससे वह अपना घर नहीं बना पा रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
एक दिव्यांग व्यक्ति को उसका हक दिलाने में प्रशासन क्यों विफल दिख रहा है? क्या न्याय केवल प्रभावशाली लोगों तक सीमित रह गया है?
वही इस मामले को लेकर जब भारत 9tv के संवाददाता अरविंद भारती ने फतेहपुर जिला अधिकारी कार्यालय से बात की, तो बताया गया कि पीड़ित को एसडीएम बिंदकी को लिखित शिकायत देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच कर अवैध कब्जा हटवाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राकेश शुक्ला ने प्रशासन से जल्द कब्जा मुक्त जमीन दिलाने की मांग की है, ताकि वह अपना घर बनाकर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।