ग्रामीणों का गैस एजेंसी पर फूटा गुस्सा, सिलेंडर में गैस की जगह निकला पानी
मिथापुर (बिहार) के एक ग्रामीण इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब गैस सिलेंडर को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गैस एजेंसी द्वारा उन्हें कम वजन और मिलावटी सिलेंडर दिए जा रहे हैं, जिससे लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
बताया जा रहा है कि एक ग्रामीण करीब 45 दिनों बाद नया गैस सिलेंडर लेकर अपने घर पहुंचे। शुरुआत में सिलेंडर का वजन सामान्य प्रतीत हुआ, लेकिन केवल 10–11 दिनों तक खाना बनने के बाद ही गैस अचानक खत्म हो गई। इस पर शक होने पर जब सिलेंडर की जांच की गई, तो मामला चौंकाने वाला निकला।
ग्रामीणों का कहना है कि सिलेंडर खोलने पर उसमें से गैस की बजाय सामान्य पानी निकलने लगा। आरोप है कि सिलेंडर में निर्धारित वजन के बजाय कम गैस भरी गई थी और बाकी वजन पूरा करने के लिए पानी डाल दिया गया था। ग्रामीणों के अनुसार, जहां एक सिलेंडर का वजन लगभग 30 किलो होना चाहिए, वहीं उन्हें 22–28 किलो के सिलेंडर दिए जा रहे हैं, जिनमें भी 6–7 किलो तक पानी मिला हुआ है।
इस खुलासे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण गैस एजेंसी पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने एजेंसी संचालकों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल आर्थिक ठगी नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है।
मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हो सकें।
फिलहाल इस मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन के संज्ञान में सूचना दे दी गई है और जांच की संभावना जताई जा रही है। वहीं, एजेंसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।