माननीय कृषि मंत्री महोदय,
जम्मू एवं कश्मीर सरकार
विषय: कृषि क्षेत्र में लॉ एनफोर्समेंट सिस्टम की प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्न
जम्मू एवं कश्मीर के किसानों की ओर से यह आर्टिकल आपके समक्ष एक महत्वपूर्ण मुद्दे को उजागर करने के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु “लॉ एनफोर्समेंट डिपार्टमेंट” का गठन किया गया है। इस विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों तक सही, प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण खाद (fertilizer) समय पर पहुँचे, तथा लाइसेंसधारी होलसेलर और रिटेलर ही इसका वितरण करें।
परंतु ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई देती है।
आज स्थिति यह है कि जिन प्राइवेट कंपनियों को सरकार ने सब्सिडी के तहत किसानों तक खाद पहुँचाने की जिम्मेदारी दी है, वे केवल चुनिंदा डीलर्स को ही सप्लाई कर रही हैं। इन डीलर्स को विशेष लाभ दिए जाते हैं, जिससे वे प्राथमिकता पर रहते हैं, जबकि कई लाइसेंसधारी होलसेलर और रिटेलर को समय पर खाद उपलब्ध ही नहीं हो पाती।
इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है—
किसानों को समय पर खाद नहीं मिलती
ब्लैक मार्केटिंग और ओवरप्राइसिंग की संभावना बढ़ती है
गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े होते हैं
सबसे चिंताजनक बात यह है कि लॉ एनफोर्समेंट डिपार्टमेंट, जिसका कार्य इस पूरी व्यवस्था की निगरानी करना है, वह इस दिशा में प्रभावी भूमिका निभाता हुआ नजर नहीं आता। न तो कंपनियों के साथ कोई ठोस संवाद स्थापित किया जा रहा है, और न ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी लाइसेंसधारकों को समान अवसर मिले।
यह प्रश्न उठता है कि—
क्या कंपनियां सरकार के नियमों के अनुसार कार्य कर रही हैं या अपने मनमाने तरीके से?
यदि लाइसेंस सरकार देती है, तो फिर कंपनियां कुछ को ही सप्लाई क्यों करती हैं?
लॉ एनफोर्समेंट डिपार्टमेंट की वास्तविक भूमिका क्या रह गई है?
माननीय मंत्री जी, आपसे विनम्र निवेदन है कि इस विषय में स्पष्ट और सख्त नीतियां (policies) बनाई जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि:
सभी लाइसेंसधारकों को समान रूप से खाद की आपूर्ति हो
लॉ एनफोर्समेंट डिपार्टमेंट सक्रिय रूप से अपनी जिम्मेदारी निभाए
कंपनियों और विभाग के बीच पारदर्शी समन्वय (coordination) हो
किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बने
कृषि केवल एक पेशा नहीं, बल्कि हमारे समाज की रीढ़ है। यदि इस व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता नहीं होगी, तो इसका असर सीधे किसानों की आय और देश की खाद्य सुरक्षा पर पड़ेगा।
आपसे अपेक्षा है कि इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान देते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
धन्यवाद।
जम्मू एवं कश्मीर के किसानों की ओर से