गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए गौ पुत्री रनिया सिंह धाकरे ने रखा नवरात्रि व्रत
आगरा। सनातन धर्म और गौ सेवा के प्रति अटूट आस्था प्रकट करते हुए ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष गौ पुत्री रनिया सिंह धाकरे ने इस शारदीय नवरात्रि में विशेष व्रत धारण किया है। उनका यह संकल्प व्यक्तिगत सुख-समृद्धि के लिए नहीं, बल्कि गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने के पावन उद्देश्य के लिए है।
वर्षों से जारी है कठिन तपस्या
रनिया सिंह धाकरे, जो संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र धर्म दास महाराज की धर्म बहन भी हैं, पिछले कई वर्षों से लगातार नवदुर्गा के व्रत रखती आ रही हैं। संगठन के सदस्यों का मानना है कि उन्हें माँ दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त है, जिससे वे लोगों के दुखों को दूर करने में सहायक सिद्ध होती हैं।
संगठन की एकजुटता और सुरक्षा
वर्तमान समय में धर्म विरोधी गतिविधियों को देखते हुए, गौ पुत्र धर्म दास महाराज अपनी हर मुख्य योजना और कार्य अपनी धर्म बहन रनिया सिंह धाकरे के परामर्श से ही संपन्न करते हैं। संगठन की गतिविधियों में राष्ट्रीय सचिव गौ पुत्र प्रेम किशोर गंगवार की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। हनुमान जी के अनन्य भक्त प्रेम किशोर गंगवार आध्यात्मिक रूप से संगठन की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।
निस्वार्थ सेवा का संकल्प
ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के ये पदाधिकारी भाई-बहन की जोड़ी के रूप में पूरे भारतवर्ष में चौबीसों घंटे निस्वार्थ भाव से गौ सेवा और सनातन धर्म की रक्षा में समर्पित हैं। इस नवरात्रि रनिया सिंह धाकरे का यह कठिन व्रत गौ माता के सम्मान और उन्हें संवैधानिक रूप से राष्ट्र माता घोषित करवाने की दिशा में एक बड़ा आध्यात्मिक कदम माना जा रहा है।