क्या सच में देश में ईंधन की कमी है?
तस्वीर गवाह है कि हम सूचना के युग में नहीं, बल्कि 'अफवाह के युग' में जी रहे हैं। पेट्रोल पंप पर लगी यह कतार तेल की कमी की नहीं, बल्कि हमारे धैर्य की कमी और "भेड़चाल" की निशानी है।
कड़वा सच:
टैंक फुल, दिमाग खाली: जब पंप के कर्मचारी खुद कह रहे हैं कि तेल का भंडार भरपूर है, तब भी अपनी गाड़ी की टंकी और बोतलों को भरने की यह होड़ समझ से परे है।
अफवाह की रफ़्तार: तेल भले ही पाइपलाइन से आता हो, लेकिन अफवाहें रॉकेट की रफ़्तार से फैलती हैं। एक झूठी खबर ने पूरे शहर को सड़कों पर उतार दिया।
सुरक्षा से खिलवाड़: पेट्रोल पंप जैसी संवेदनशील जगह पर इस कदर धक्का-मुक्की करना किसी बड़े हादसे को दावत देने जैसा है।
निष्कर्ष: तेल तो कल भी मिल जाएगा, लेकिन इस भीड़ में जो 'विवेक' और 'समय' जल रहा है, उसकी भरपाई कोई कंपनी नहीं करेगी। अफवाहों के ईधन से अपनी घबराहट की गाड़ी मत दौड़ाइये।
@राज कुमार पाण्डेय