ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक 2026 ...
ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक 2026 में ट्रांसजेंडर पहचान से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं। इस नए बिल के तहत अब किसी व्यक्ति को ट्रांसजेंडर पहचान के लिए केवल स्व-पहचान (सेल्फ आइडेंटिफिकेशन) का अधिकार नहीं होगा। पहचान के लिए पहले मेडिकल सुपरिटेंडेंट या सीएमओ से सर्टिफिकेट लेना जरूरी होगा, जिसके बाद डीएम की मंजूरी से ही पहचान पत्र जारी किया जाएगा। नई परिभाषा में ट्रांसजेंडर दायरे को सीमित करते हुए मुख्य रूप से किन्नर, हिजड़ा जैसे पारंपरिक समुदायों और इंटरसेक्स व्यक्तियों को शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे असली जरूरतमंदों तक मदद पहुंचेगी और कानून लागू करना आसान होगा। वहीं विपक्ष ने इसे अधिकारों पर चोट बताते हुए कड़ा विरोध किया है और कहा है कि यह सुप्रीम कोर्ट के 2014 के फैसले के खिलाफ है, जिसने स्व-पहचान का अधिकार दिया था।
डिस्क्लेमर:
यह जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट्स के आधार पर दी गई है, वास्तविक स्थिति में बदलाव संभव है।