सोर्भोग में जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान विरोध प्रदर्शन, पोस्टर छीने जाने का आरोप
असम के सोर्भोग क्षेत्र में 24 मार्च को आयोजित “जन आशीर्वाद यात्रा” के दौरान एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण विरोध प्रदर्शन सामने आया, जब चार छात्रों के एक समूह ने लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग के लिए न्याय की मांग को लेकर आवाज उठाई। यह यात्रा असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में आयोजित की जा रही थी, जहां बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्वयं को जुबीन गर्ग के समर्थक बताते हुए “Justice for Zubeen Garg” लिखे पोस्टर हाथ में लिए हुए थे। उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करना था। हालांकि, स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब कुछ कथित भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा इन पोस्टरों को छात्रों से छीन लेने और फाड़ देने का आरोप सामने आया। इस घटना के बाद माहौल में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। मामले को लेकर ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) के एक नेता ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि विरोध करने वाले छात्र किसी भी राजनीतिक दल या संगठन से जुड़े नहीं थे, बल्कि वे स्वतंत्र रूप से अपनी मांग को सामने रख रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ जबरदस्ती की गई और उनके पोस्टरों को नष्ट कर दिया गया। एएएसयू ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर हमला बताया है। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या आम नागरिकों और छात्रों को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का पूरा अधिकार मिल पा रहा है या नहीं।