अजमेर: सरकारी जमीन के पट्टे में खेल, पटवारी को थमाया 'कारण बताओ' नोटिस
अजमेर (राजस्थान): नगर निगम प्रशासन में सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से पट्टा जारी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में लापरवाही और नियमों की अनदेखी बरतने पर पटवारी भूपेन्द्र वर्मा को नोटिस जारी कर 7 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पटवारी भूपेन्द्र वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए वास्तविक स्थिति को छुपाकर गलत 'मौका रिपोर्ट' तैयार की। इस रिपोर्ट के आधार पर नजमा बेगम (पत्नी मोहम्मद आफाक) को नियम विरुद्ध तरीके से पट्टा दिलाने में सहयोग किया गया।
प्रमुख अनियमितताएं:
दस्तावेजों का अभाव: पत्रावली में 26 दिसंबर 2025 तक जमीन की जमाबंदी शामिल नहीं थी, फिर भी 30 दिसंबर को रिपोर्ट तैयार कर दी गई।
खसरा नंबरों में हेरफेर: मौके पर जिस जमीन का खसरा नंबर 2028 था, उसे रिपोर्ट में 2016 दर्शाया गया।
नियमों का उल्लंघन: पटवारी ने प्रतिनियुक्ति (Deputation) के दौरान तथ्यों को छुपाकर नियमों के विपरीत कार्य किया।
प्रशासनिक कार्रवाई
अजमेर नगर निगम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्थान सिविल सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 16 के तहत नोटिस जारी किया है। इससे पहले भी इस मामले में विधानसभा में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी द्वारा मुद्दा उठाने के बाद डिप्टी कमिश्नर समेत चार अधिकारियों को APO (Await Posting Order) किया जा चुका है।
पक्ष-विपक्ष की बातें
"मैं अभी अवकाश से लौटा हूँ। पटवारी को नोटिस दिया गया है, हालांकि मुझे अभी मामले की पूरी विस्तृत जानकारी नहीं है।"
— देशलदान, आयुक्त, अजमेर नगर निगम
"मुझे नोटिस मिला है और मैंने अपना जवाब भेज दिया है। मेरे पास पुख्ता दस्तावेज हैं और रिपोर्ट नियमों के अनुसार ही बनाई गई थी। जो लोग पहले साथ थे, अब वो मुकर रहे हैं।"
— भूपेन्द्र वर्मा, पटवारी