क्रांतिकारी शहीद_ ए _आजम भगत सिंह ,सुखदेव ,राजगुरु के शहादत दिवस पर क्रांतिकारियों ने दी श्रद्धांजलि
*गैर समझौतावादी धारा के महान क्रांतिकारी शहीद_ ए _आजम भगत सिंह ,सुखदेव राजगुरु के शहादत दिवस के उपलक्ष में छात्र संगठन AIDSO ने अंबेडकर पार्क पर किया पुष्पांजलि कार्यक्रम व विचार प्रदर्शनी का आयोजन।*
आज छात्र संगठन AIDSO ने गैर समझौतवादी धारा के महान क्रांतिकारी शहीद_ ए_आजम भगत सिंह, सुखदेव,राजगुरु के शहादत दिवस के उपलक्ष्य में अंबेडकर पार्क पर पुष्पांजलि कार्यक्रम व विचार प्रदर्शनी का आयोजन किया, इसके साथ ही नेहरू पीजी कॉलेज सहित शहर के विभिन्न स्थानों पर भी शहीद ए आजम भगतसिंह सुखदेव राजगुरु के शहादत दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत ऐ भगतसिंह तू जिंदा है हर एक लहू के कतरे में गीत से हुई। आज के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के जिला अध्यक्ष अनुराग सागर ने बताया कि जब हमारे देश की आजादी आंदोलन की लड़ाई चल रही थी उस समय यह लड़ाई दो धाराओं में चल रही थी एक धारा थी समझौता वादी धारा जिसका नेतृत्व गांधी जी कर रहे थे और दूसरी धारा थी गैर समझौतावादी धारा जिसका नेतृत्व भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां,नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारी कर रहे थे ।
भगत सिंह,सुखदेव, राजगुरु अपने छात्र जीवन से ही आजादी आंदोलन में शामिल हो गए थे जब 13 अप्रैल 1919 में जलियांवाला बाग में जनरल डायर के द्वारा बड़े ही निर्मम ढंग से जब वहां एकत्रित लोगों पर गोलीबारी की गई और सैकड़ो लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया इस घटना से आहत होकर उनके मन में अंग्रेजों के दमन व उत्पीड़न के खिलाफ नफरत पैदा हो गई और अंग्रेजी गुलामी से हिंदुस्तान को आजाद करने का संकल्प लिया परिणाम स्वरुप अपने दोस्तों के साथ भी गांधी जी द्वारा चलाए जा रहे असहयोग आंदोलन में शामिल हुए परंतु 1922 में हुई चोरी चोरा की घटना के कारण गांधी जी द्वारा असहयोग आंदोलन वापस लेने का निर्णय से दुखी होकर भी समझ पाए कि अहिंसा और समझौते के जरिए सही आजादी नहीं आएगी इसीलिए वे गैर समझौता वादी धारा के प्रतिनिधित्व कर रहे क्रांतिकारी संगठन HRA में शामिल हो गए आगे चलकर रूसी समाजवादी क्रांति से प्रभावित होकर इन्होंने HRA ( Hindustan Republican association) का नाम बदलकर HRSA (Hindustan socialist Republican association) रख दिया गया।
संगठन के नाम में सोशलिस्ट शब्द जोड़कर उन्होंने सभी तरह के अन्य अत्याचार व शोषण के खात्मे की बात कही और आजादी के बाद एक ऐसा भारत बनाने की नींव रखी जहां सभी को समानता होगी, खाद्यान्नों को संकट नहीं होगा, लोग बिना इलाज के नहीं मरेंगे और सबको रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, रोजगार मिल सकेगा, जहां पर हिंदू मुस्लिम के नाम लड़ाई ना हो यही क्रांतिकारियों का सपना था।
आगे बात रखते हुए उन्होंने कहा कि क्रांतिकारियों का जो सपना था वह आज अधूरा है आज देश में महिलाओं बच्चियों पर अपराध बढ़ रहे हैं, शिक्षा महंगी होती जा रही है, हमारे मध्य प्रदेश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू की गई सीएम राइस स्कूल पॉलिसी के तहत मध्य प्रदेश में 94000 सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा हैं। आज तमाम तरह के अन्याय, अत्याचार व गलत नीतियों के खिलाफ हम सभी को इकट्ठा होने की जरूरत है, इन महापुरुषों के सपने का भारत बनाने के लिए हम सभी को आगे आने की आवश्यकता है।
संचालन किया जिला उपाध्यक्ष पूजा ओझा ने किया व कार्यक्रम के दौरान शहर के नागरिक और बड़ी संख्या में छात्र नौजवान शामिल हुए।
द्वारा
विश्ववीर भंडारी ( जिला सचिव)
छात्र संगठन AIDSO अशोकनगर (म. प्र.)
9893297131