शाहजहाँपुर: 'प्रतिदिन 10 आयुष्मान कार्ड नहीं तो कटेगा मानदेय', डीएम के सख्त निर्देश
शाहजहाँपुर। स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं के प्रति लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्य कर्मियों पर जिला प्रशासन ने नकेल कस दी है। जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया है कि यदि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) ने अपना लक्ष्य पूरा नहीं किया, तो उन्हें वेतन कटौती का सामना करना पड़ेगा।
लक्ष्य से कम कार्ड पर सीधे कार्रवाई
कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में बुधवार को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि:
* प्रत्येक CHO को प्रतिदिन अनिवार्य रूप से कम से कम 10 आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने होंगे।
* लक्ष्य पूरा न होने पर संबंधित CHO का उस दिन का मानदेय काट लिया जाएगा।
* सिर्फ CHO ही नहीं, यदि किसी MOIC (प्रभारी चिकित्सा अधिकारी) के अधीन कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनका भी उस दिन का वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं।
अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने के निर्देश
बैठक में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने को कहा:
* बुनियादी सुविधाएँ: सभी अस्पतालों में मरीजों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और व्हीलचेयर की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
* मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य: गर्भवती महिलाओं और बच्चों का नियमित टीकाकरण और कुपोषण की जाँच प्राथमिकता पर की जाए।
* डिजिटल हेल्थ: आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
* संस्थागत प्रसव: जननी सुरक्षा योजना के तहत होने वाले प्रसवों की संख्या बढ़ाने और उनकी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए और इसके लिए सतत मॉनिटरिंग अनिवार्य है।
> नोट: जिला प्रशासन का यह कदम जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की रैंकिंग सुधारने और आयुष्मान भारत योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के उद्देश्य से उठाया गया है।