ग्रामीण बैंक में करोड़ों का फर्जीवाड़ा! दो माह बाद भी कार्रवाई नहीं, अधिकारियों पर मिलीभगत के गंभीर आरोप
आनंद पब्लिक, महराजगंज
महराजगंज। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की घुघली शाखा (खुशहाल नगर) में करोड़ों रुपये के कथित बेनामी और फर्जी लेनदेन का मामला सामने आने के बावजूद दो माह बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने से बैंकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में बैंक अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाखा में बिना वैध दस्तावेजों के कई संदिग्ध खाते खोले गए और इन खातों के माध्यम से भारी धनराशि का लेनदेन किया गया। आरोप है कि इन खातों का उपयोग ‘पार्किंग’ के रूप में किया गया और बाद में रकम को पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर किया जाता रहा। जिन खातों का उल्लेख किया गया है, उनमें चंद्रशेखर प्रजापति, उदय भान सिंह और अनीता सिंह सहित कई नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
इस पूरे प्रकरण की शिकायत चंदन (पुत्र रोहित) द्वारा लिखित रूप में जिला अग्रणी बैंक को दी गई थी, लेकिन शिकायत के बाद भी कार्रवाई के नाम पर केवल जांच का आश्वासन देकर मामले को टालने का आरोप लगाया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित अधिकारी लगातार गुमराह कर रहे हैं।
मामले की जानकारी मिलने पर जब पत्रकार द्वारा क्षेत्रीय प्रबंधक मुकेश कुमार जैन से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय उल्टा आरोप लगाते हुए धमकी भरा व्यवहार किया। इससे मामले में अधिकारियों की भूमिका और भी संदिग्ध नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों और खाताधारकों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन और बैंक प्रबंधन इस गंभीर आरोप पर कब तक कार्रवाई करता है या फिर मामला यूं ही फाइलों में दबकर रह जाएगा