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बुधवार ,सप्तमी तिथि को नवदुर्गाओं की यादगार में लगाये 18 प्रकार के 36 पेड़पौधे।

छबड़ा:कस्बे के निकटवर्ती ग्राम भुवाखेड़ी स्थित अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र ओर ओशो आशीष ध्यान केंद्र में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर नौ दिवसीय विशेष कार्यक्रमों का आयोजन श्रद्धा,भक्ति और उत्साह के साथ किया जा रहा है। इस दौरान केंद्र पर माता रानी की विशेष,पूजा-अर्चना,जप,तप,ध्यान, मोन ध्यान,मंत्र जप साधना और दुर्गा सप्तमी को नवदुर्गाओं की यादगार में लगायेआम,कल्पवृक्ष,आलूबुखारा, सिंदूर,रुद्राक्ष,पपीता,इलायची,अपराजिता,खेजड़ी,चीकू,जामुन,तेजपत्ता,पारिजात,सेव,पान,कपूर, कटहल, लीची,बादाम,अंजीर,काजू,दालचीनी सहित 18 प्रकार के 36 पेड़पौधे।नवरात्रि में ओशो योग केंद्र पर कई आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे है।नवरात्रि के नौ दिनों में प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकालीन सत्र में साधकों द्वारा ध्यान,भजन-कीर्तन एवं देवी,देवताओं की पूजा आराधना की जा रही है।साथ ही निकटवर्ती निर्माणाधीन खाटूश्याम मन्दिर में अन्न भण्डारो का आयोजन भी साधकों द्वारा किये जा रहे है,सादली की पहाड़ी को हराभरा करने के उद्देश्य से पेड़-पौधे भी लगाए जा रहै फल और छायादार पेड़ों को लगाया जा रहा है।ओशो योग केंद्र के संचालक स्वामी ध्यान गगन ओर स्वामी प्रेम रामस्वरूपा एवं रामस्वरूप योगी,भगवान,जोगेंद्र सिंह,पुष्पेंद्र कुमार,शंकर लाल नागर,जगदीश चन्द्र शर्मा एवं अन्य साधकों ने माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना करते हुए शांति,सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक जागरण सहित धरती के श्रृंगार के लिए पेड़-पौधे लगाने का संदेश दिया जा रहा है योग केंद्र पर प्रतिदिन कुण्डलिनी ओर सक्रिय ध्यान के माध्यम से प्रतिदिन यौगिक क्रियाओं का निःशुल्क प्रशिक्षण दे रहे है।कार्यक्रम के दौरान नो दिवसीय नवरात्रि में श्रद्धालुओं द्वारा व्रत-उपवास रखते हुए विधि-विधान से पूजा की जा रही है तथा वातावरण को भक्तिमय बनाया जा रहा है। अंतिम दिन गुरुवार,शुक्रवार को कन्या पूजन एवं प्रसादी वितरण का आयोजन भी किया जायेगा,जिसमें स्थानीय साधक ओर श्रद्धालु भाग लेंगे।योग केंद्र से जुड़े साधकों ने बताया कि इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजन समाज में सकारात्मकता, सद्भाव और मानसिक शांति को बढ़ावा देते हैं सभी को इस तरह से त्यौहारों को मिलजुल कर मनाया जाना चाहिए।नवरात्रि पर्व के माध्यम से लोगों को ध्यान और साधना के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया।कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु,साधक एवं ग्रामीणजन नित्य प्रति आनन्द उत्सव में भाग ले रहे है।

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