चंदौली जिले के शहाबगंज ब्लॉक के बड़गांवा गाँव में सजा ऑल इंडिया मुशायरा: गंगा-जमुनी तहजीब की दिखी झलक, भोर तक शेरो-शायरी पर झूमे श्रोता।
✨ शहाबगंज के बड़गांवा में सजा ऑल इंडिया मुशायरा: गंगा-जमुनी तहजीब की दिखी झलक, भोर तक शेरो-शायरी पर झूमे श्रोता।
चंदौली के शहाबगंज ब्लॉक स्थित बड़गांवा गांव में कौमी यकजहती फाउंडेशन द्वारा आयोजित 9वां ऑल इंडिया मुशायरा व कवि सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भोर तक चले इस कार्यक्रम में देश भर से आए नामचीन शायरों ने अपनी रचनाओं से हिंदू-मुस्लिम एकता, देशभक्ति और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया
कौमी यकजहती फाउंडेशन के तत्वावधान में 9वां ऑल इंडिया मुशायरा
'एक शाम अबू बकर सिद्दीकी साहब के नाम' रहा समर्पित।
हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की दिखी खूबसूरत मिसाल।
देशभर के दिग्गज शायरों और कवियों ने भोर तक बांधे रखा समां।
मुख्य अतिथि चकिया चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव ने की कार्यक्रम की सराहना।
"नफ़रत की आंधियों में भी मोहब्बत का दिया जलाएंगे हम, हिंदू-मुस्लिम मिलकर देश का नाम बढ़ाएंगे।" इन्हीं बुलंद और जज्बाती पंक्तियों के साथ सोमवार की देर शाम चंदौली जिले के शहाबगंज ब्लॉक अंतर्गत बड़गांवा गांव में अदब और शायरी की एक शाही महफिल सजी। कौमी यकजहती फाउंडेशन के तत्वावधान में "एक शाम अबू बकर सिद्दीकी साहब के नाम" आयोजित इस 9वें ऑल इंडिया मुशायरे व कवि सम्मेलन में मंगलवार की भोर तक श्रोता शेरो-शायरी, हास्य-व्यंग्य, देशभक्ति और श्रृंगार रस में गोते लगाते रहे।
दिग्गजों ने अपनी रचनाओं से लूटी वाहवाही
मुशायरे का आगाज सभी अतिथियों और कवियों को स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्रम भेंटकर सम्मानित करने के साथ हुआ। इसके बाद जब शायरों ने माइक संभाला, तो श्रोता तालियां बजाने पर मजबूर हो गए।
डॉ. सबा बलरामपुरी ने अपनी नज़ाकत भरी गज़ल “तेरे नाज उठाऊं कैसे मुझे तजर्बा नहीं है, मेरा इश्क है ये पहला कोई दूसरा नहीं है” सुनाकर महफिल लूट ली।