तीन साल बाद भी नहीं मिला पानी, करोड़ों की पानी टंकी बना शोपीस
सरकार की महत्वाकांक्षी राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन योजना के तहत ग्राम पंचायत गौरी श्रीराम विकास खंड दुदही कुशीनगर में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर जलापूर्ति परियोजना शुरू की गई थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को एक बूंद पानी नसीब नहीं हो पाया है।
योजना स्थल पर लगे बोर्ड के अनुसार इस परियोजना की लागत करीब 9.38 करोड़ रुपये है और कार्य प्रारंभ की तिथि 27 फरवरी 2023 दर्ज है। इसके बावजूद आज तक गांव में नियमित पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है।ग्रामीणों का कहना है कि दो वर्ष पहले ही विभाग द्वारा घर-घर कनेक्शन के नाम पर आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लेकर कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, लेकिन आज तक पाइपलाइन से पानी नहीं आया। इससे साफ है कि योजना फिलहाल कागजों और दावों तक ही सीमित नजर आ रही है।मौके पर बना विशाल ओवरहेड पानी टैंक अब भी मचान से घिरा हुआ है, जिससे स्पष्ट होता है कि निर्माण कार्य पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है। जबकि योजना का उद्देश्य गांव के सैकड़ों परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराना था।पानी की आस लगाए बैठे ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद योजना धरातल पर नहीं उतरी, और जिम्मेदार विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जलापूर्ति योजना का कार्य तत्काल पूरा कर गांव में पानी की सप्लाई शुरू कराई जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके और उनकी वर्षों पुरानी समस्या खत्म हो सके।