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इटावा के मंच से गगन यादव का बड़ा संदेश: “नफरत नहीं, जुड़ाव की राजनीति”

इटावा में आयोजित ‘होली मिलन समारोह’ के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने वर्तमान राजनीति के माहौल में शालीनता और आपसी सम्मान की मिसाल पेश की। कार्यक्रम में पहुंचे गगन यादव ने अपने शांत और संयमित व्यवहार से यह स्पष्ट कर दिया कि राजनीति केवल विरोध का मंच नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम भी हो सकती है।

कार्यक्रम के दौरान जब मंच के सामने से विपक्ष के समर्थन में नारेबाजी शुरू हुई, तो कुछ समय के लिए माहौल में हलचल पैदा हो गई। लेकिन गगन यादव ने बेहद संतुलित और सकारात्मक तरीके से स्थिति को संभाला। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “हमें किसी भी जिंदाबाद के नारों से परहेज नहीं है, बस अफवाहें और झूठ नहीं फैलाया जाना चाहिए।” उनके इस वक्तव्य ने न केवल माहौल को शांत किया, बल्कि उपस्थित लोगों के बीच एक सकारात्मक संदेश भी पहुंचाया।

इस दौरान उन्होंने अतीत में हुए कुछ विवादों और गलतफहमियों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को कुछ जगहों पर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, जिससे भ्रम की स्थिति बनी। गगन यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी विचारधारा हमेशा से समाज को जोड़ने और सद्भाव बनाए रखने की रही है। उन्होंने दो टूक कहा, “हम तोड़ने नहीं, बल्कि जोड़ने आए हैं।”

कार्यक्रम में मौजूद अन्य अतिथियों और स्थानीय लोगों ने उनके इस व्यवहार की सराहना की। लोगों का मानना है कि इस तरह की सकारात्मक सोच ही स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है। गगन यादव का यह संदेश इटावा ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में एक नई सोच और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करने वाला साबित हो सकता है।

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