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जमशेदपुर एमजीएम अस्पताल में बड़ी लापरवाही: 9 दिन बाद परिसर से मिला लापता मरीज का शव, परिजनों का हंगामा

एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक लापता मरीज का शव नौ दिनों बाद अस्पताल परिसर से बरामद किया गया। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

क्या है पूरा मामला?

मृतक की पहचान बागबेड़ा बाबाकुटी निवासी 54 वर्षीय टेम्पो चालक सुनील यादव के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, 13 मार्च को कमजोरी की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था।

बताया जा रहा है कि 14 मार्च की रात वह अचानक अपने बेड से लापता हो गए। उस समय उनकी पत्नी गुड़िया देवी, जो खुद हृदय रोग से पीड़ित हैं, कुछ देर के लिए घर गई थीं। सुबह लौटने पर उन्हें पति के गायब होने की जानकारी मिली।

9 दिन तक खोजबीन, नहीं मिला सुराग

परिजनों ने अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में लगातार तलाश की, लेकिन सुनील यादव का कोई पता नहीं चल सका। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठते रहे।

ऐसे मिला शव

सोमवार शाम करीब 6 बजे एक चाय विक्रेता ने सुरक्षाकर्मियों को सूचना दी कि पोस्टमार्टम हाउस के पास बाउंड्री वॉल के किनारे कचरे के बीच एक शव पड़ा है।

मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि शव बुरी तरह सड़ चुका था और उससे दुर्गंध आ रही थी। मृतक के हाथ में नीडिल लगी हुई थी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वह अस्पताल में भर्ती मरीज ही था।

परिजनों का हंगामा

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा।

मृतक के पुत्र अभय यादव ने आरोप लगाया कि:

नौ दिनों तक अस्पताल प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया

सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह फेल रही

परिवार को सही जानकारी और सहयोग नहीं मिला


CCTV से क्या सामने आया?

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि 14 मार्च की रात सुनील यादव अस्पताल के मुख्य गेट तक पहुंचे थे। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला।

प्रारंभिक अनुमान है कि:

वह गार्ड रूम के पास लघुशंका के लिए गए होंगे

वहीं गिरने के बाद उनका शव बाउंड्री के पास पड़ा रह गया


हालांकि, परिजन इस दावे को मानने से इनकार कर रहे हैं और इसे अस्पताल की गंभीर लापरवाही बता रहे हैं।

पुलिस जांच शुरू

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

उठ रहे बड़े सवाल

इस घटना के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं:

अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है?

मरीज के लापता होने पर तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

9 दिनों तक शव परिसर में पड़ा रहा, किसी को जानकारी क्यों नहीं मिली?


यह मामला न केवल अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाता है, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

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