रामगढ़ में सनसनी: पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शांति सोरेन ने पति पर दर्ज कराई FIR, जान का खतरा बताया
रामगढ़ झारखंड
रामगढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जिले की पहली जिला परिषद अध्यक्ष रह चुकीं शांति सोरेन ने अपने ही पति और एक अन्य महिला के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। इस घटना के बाद न केवल स्थानीय क्षेत्र बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मच गई है।
मामला मांडू प्रखंड अंतर्गत वेस्ट बोकारो ओपी क्षेत्र का है। शांति सोरेन ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उनके पति विनोद किस्कू, जो झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के एक कद्दावर नेता माने जाते हैं, का संबंध एक महिला रीना मुखर्जी उर्फ कुमारी सुहागी से है। उन्होंने दावा किया कि दोनों लंबे समय से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं और मिलकर उन्हें व उनके बच्चों को नुकसान पहुंचाने की साजिश कर रहे हैं।
मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप
शांति सोरेन के अनुसार, 12 मार्च 2026 को उनके जेठ के श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके पति ने सार्वजनिक रूप से उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।
इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि उनके पति और संबंधित महिला मिलकर उनकी हत्या कर पैतृक संपत्ति हड़पने की योजना बना रहे हैं।
बच्चों को भी मिल रही धमकी
शांति सोरेन ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि उनके दो बच्चे—जयप्रकाश किस्कू और श्रेया किस्कू—को भी जान से मारने की धमकी दी गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार अलग-अलग फोन नंबरों से धमकियां मिल रही हैं, जिससे परिवार दहशत में है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
वेस्ट बोकारो ओपी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 15 मार्च 2026 को कांड संख्या 59/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। हालांकि, शांति सोरेन का आरोप है कि अब तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
शांति सोरेन ने 19 मार्च 2026 को झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की जानकारी दी और सुरक्षा व न्याय की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री को दिए आवेदन में भी अपने पति और रीना मुखर्जी के बीच अवैध संबंध होने का उल्लेख किया है।
इस मामले की प्रतिलिपि एसपी रामगढ़, डीआईजी हजारीबाग, गृह विभाग रांची के प्रधान सचिव, पुलिस महानिदेशक रांची सहित झामुमो के वरिष्ठ नेताओं को भी भेजी गई है।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज
घटना सामने आने के बाद यह मामला अब कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और पारिवारिक विवाद जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक दृष्टिकोण से भी यह मामला संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सत्तारूढ़ दल से जुड़े एक वरिष्ठ नेता का नाम सामने आया है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।