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मनुष्य के हृदय में होता है भगवान का अवतार : पं. शक्ति तिवारी

रांची। मोरहाबादी स्थित श्री श्री 1008 श्री यज्ञ बाबा आश्रम, दुर्गा मंदिर का दिव्य प्रांगण इन दिनों चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है। यहां आयोजित श्री राम कथा सह नवचंडी यज्ञ में प्रतिदिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है और पूरा वातावरण राममय हो उठा है।
काशी से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक पं. शक्ति तिवारी जी महाराज ने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचन में कहा कि भगवान का सच्चा और स्थायी निवास मनुष्य के हृदय में ही होता है। उन्होंने रामचरितमानस को जीवन का ऐसा दिव्य दर्पण बताया, जो न केवल मनुष्य को सही दिशा दिखाता है, बल्कि जीवन जीने की सरल और सार्थक कला भी सिखाता है।
कथा के पंचम सत्र में धनुष यज्ञ प्रसंग का मनोहारी वर्णन करते हुए महाराज जी ने कहा कि जिस धनुष को हजारों-लाखों पराक्रमी राजा तिल मात्र भी हिला नहीं सके, उसे भगवान श्रीराम ने पुष्प के समान सहज भाव से उठाकर भंग कर दिया। उन्होंने इस प्रसंग के माध्यम से समझाया कि जहां एक ओर अनेक राजा अहंकार और प्रतिष्ठा के भाव से धनुष तोड़ने आए थे, वहीं रघुनाथ जी पूर्ण विनम्रता और धर्म की स्थापना के उद्देश्य से वहां उपस्थित हुए थे।
महाराज जी ने आगे कहा कि जब मनुष्य अपने साथ सम्मान की अपेक्षा लेकर चलता है, तो कई बार उसे अपमान का सामना करना पड़ता है। इसलिए जीवन में अहंकार का त्याग, विनम्रता और श्रद्धा का भाव ही सच्ची सफलता और शांति का मार्ग है।
इस अवसर पर यज्ञ बाबा आश्रम के महंत भरत दास जी महाराज, रिलेशन्स के निदेशक आशुतोष द्विवेदी, श्याम पांडे, चंदन पांडे, हरीश कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में यज्ञाचार्य के रूप में वाराणसी के पं. बंटी पांडे अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि मुख्य यजमान के रूप में विकास पांडे सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मुख्य यजमान विकास पांडे ने बताया कि कथा प्रतिदिन संध्या 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित की जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा श्रवण कर पुण्य के भागी बन रहे हैं।
पूरे आयोजन में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा है।

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