ब्या! ज से पैसा देने वाले को हो सकती है 7 साल की जे ल
कर्जदारों को परेशान करने वाले कर्जदाताओं को 10 साल तक कैद
नई दिल्ली। अवैध तरीके से कर्ज देने वाले संस्थानों पर लगाम कसने के लिए लाए जा रहे नए विधेयक के मसौदे के अनुसार, रिश्तेदारों के कर्ज को छोड़कर अन्य किसी भी गैर विनियमित ऋण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने और उधारकर्ताओं के हितों की रक्षा करने के लिए व्यापक तंत्र बनाने के लिए कानून लाने का भी प्रस्ताव है। अगर कोई भी ऋणदाता इस कानून का उल्लंघन करते हुए कर्ज देता है तो उसे कम से कम दो साल की कैद की सजा होगी। इसे सात साल तक बढ़ाया जा सकता है। साथ ही दो लाख से एक करोड़ का जुर्माना होगा।
प्रस्तावित विधेयक में कर्जदारों को परेशान करने या कर्ज वसूली के लिए गैरकानूनी तरीकों का इस्तेमाल करने वाले कर्जदाताओं को तीन से लेकर 10 साल तक
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इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का तगड़ा एक्शन
की कैद और जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है। अगर ऋणदाता, उधारकर्ता या संपत्ति कई राज्यों या केंद्रशासित प्रदेशों में स्थित है या कुल राशि सार्वजनिक हित को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करने के लिए बड़ी है तो जांच सीबीआई को सौंप दी जाएगी। ब्यूरो