जंगल में खजाने की खोज में गया व्यक्ति, लालच बना मुसीबत की वजह
एक गाँव में रघुनाथ नाम का एक बहुत लालची आदमी रहता था। उसे सिर्फ धन से मतलब था। वह दिन-रात बस यही सोचता रहता कि कैसे और पैसा कमाया जाए। गाँव वाले उससे दूर रहते थे, क्योंकि वह कभी किसी की मदद नहीं करता था।
एक दिन उसे खबर मिली कि जंगल में एक पुराना खजाना दबा हुआ है। लालच में आकर वह तुरंत जंगल की ओर निकल पड़ा। कई दिनों की तलाश के बाद उसे एक गुफा मिली, जहाँ सच में सोने-चांदी के बर्तन रखे थे। रघुनाथ की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने जितना उठा सकता था, उतना सोना अपने थैले में भर लिया।
लेकिन जैसे ही वह गुफा से बाहर निकलने लगा, उसका थैला इतना भारी हो गया कि वह चल ही नहीं पाया। फिर भी उसने कुछ भी छोड़ने से मना कर दिया। धीरे-धीरे वह थककर वहीं गिर पड़ा। उसे समझ आ गया कि उसका लालच ही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी है।
आखिरकार उसने कुछ सोना वहीं छोड़ दिया और हल्का होकर बाहर निकला। गाँव लौटकर उसने सबको अपनी गलती बताई और दूसरों की मदद करने लगा।
सीख: लालच इंसान को नुकसान ही पहुंचाता है, संतोष में ही असली खुशी है।