भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय में छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ, कुलपति प्रो. सुदेश रही मुख्य अतिथि
खानपुर कलां- 23 मार्च।
भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर द्वारा “कम्युनिटी-बेस्ड पार्टिसिपेटरी रिसर्च (सी बी पी आर )” विषय पर आधारित छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफ डी पी ) का आज विधिवत शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत यूजीसी-(सेज) पाठ्यक्रम सुधार एवं शैक्षणिक संस्थानों की सामाजिक जिम्मेदारी पहल के तहत 23 मार्च से 28 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुदेश मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए लगभग 40 प्रतिभागी शिक्षकों ने भाग लिया।अपने संबोधन में कुलपति प्रो. सुदेश ने कहा कि “आज के समय में उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझना होगा। कम्युनिटी-बेस्ड पार्टिसिपेटरी रिसर्च जैसे कार्यक्रम शिक्षकों और छात्रों को समाज के साथ जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। इससे न केवल शोध की गुणवत्ता बढ़ती है, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान भी निकलते हैं।”उन्होंने आगे कहा कि “राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सामाजिक सहभागिता और जिम्मेदारी को विशेष महत्व दिया गया है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नई सोच, व्यावहारिक अनुभव और नवाचार के साथ शिक्षण कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।” उन्होंने प्रतिभागियों को इस प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने और अपने-अपने संस्थानों में इसे प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया।कार्यक्रम की अध्यक्षा प्रो शैफाली नागपाल ने बताया कि इस छह दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को सामाजिक जिम्मेदारी एवं सामुदायिक सहभागिता के ढांचे को समझाना, दो क्रेडिट कोर्स के शिक्षण के लिए तैयार करना, कम्युनिटी-बेस्ड पार्टिसिपेटरी रिसर्च की कार्यप्रणाली में दक्ष बनाना तथा फील्ड प्रैक्टिस के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए जिसमे संयुक्त सचिव, उन्नत भारत अभियान एवं पीएम-उषा, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार डॉ आर्मस्ट्रांग पामे एवं ग्रामीण विकास एवं प्रौद्योगिकी केंद्र इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी नई दिल्ली, प्रोफेसर वीरेंदर कुमार विजय ने ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित किया और कम्युनिटी-बेस्ड पार्टिसिपेटरी रिसर्च के महत्व तथा इसके व्यावहारिक पक्षों पर विस्तार से चर्चा की।वहीं यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन उन्नत भारत अभियान–सामाजिक एवं आर्थिक समूह की विशेषज्ञ समिति के सदस्य डॉ राजेश टंडन एवं यू जी सी की संयुक्त सचिव डॉ दीक्षा राजपूत ने कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होकर अपने विचार रखे। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में सामाजिक जिम्मेदारी, सामुदायिक सहभागिता और कम्युनिटी-बेस्ड पार्टिसिपेटरी रिसर्च आधारित शोध की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रतिभागियों को प्रेरित किया।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न सत्रों, समूह चर्चाओं, फील्ड विजिट्स और प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, वो अन्य शिक्षकों के लिए ओरिएंटेशन योजनाएं तैयार करने और विद्यार्थियों के लिए कम्युनिटी-बेस्ड पार्टिसिपेटरी रिसर्च आधारित इंटर्नशिप डिजाइन करने में भी सक्षम बनेंगे।फोटो कैप्शन :- 01 प्रतिभागियों के साथ अतिथि व आयोजक।