पिस्टल दिखाकर तोड़ी नाकाबंदी, सरकारी जीप पर की फायरिंग।
अवैध मादक पदार्थ तस्करों और पुलिस के बीच धरियावद के जंगलों में जबरदस्त मुठभेड़ का मामला सामने आया है।
ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत जिला पुलिस अधीक्षक बी आदित्य के निर्देशन में की गई इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपए कीमत का 762 किलो 150 ग्राम डोडाचूरा और तस्करी में प्रयुक्त पिकअप जब्त की है। अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर तस्कर मौके से भागने में सफल रहे, जिनकी तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें जुटी हुई हैं। इस पूरी कार्रवाई के दौरान तस्करों और पुलिस के बीच करीब 30 राउंड फायर हुए, इससे पूरा इलाका दहल गया। पुलिस ने मौके से एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। धरियावद सीआई हजारीलाल मीणा ने बताया कि डीएसटी को एक संदिग्ध पिकअप के बांसी से धरियावद की तरफ आने की सूचना मिली थी।
पांचागुड़ा के पास स्थित रिसोर्ट के पास जब पुलिस टीम ने नाकाबंदी कर पिकअप को रुकवाने का प्रयास किया, तो उसमें सवार दो व्यक्तियों ने पुलिस पर पिस्टल तान दी और नाकाबंदी तोड़कर उदयपुर की तरफ भाग निकले। डीएसटी ने तुरंत पीछा शुरू किया और माइक से रुकने का एलान किया, लेकिन तस्करों ने टीम को जान से मारने की नीयत से करीब 15 से 16 बार फायर किए। बचाव में पुलिस टीम द्वारा भी लगभग इतनी ही गोलियां बरसाई गई। बांसी से पुनः धरियावद की तरफ गाड़ी मोड़कर तस्करों ने आरामपुरा के जंगलों में पिकअप खड़ी कर दी और अंधेरे का फायदा उठाकर ओझल हो गए। तलाशी के दौरान गाडी से 38 कट्टों में भरा डोडाचूरा और एक जिंदा कारतूस मिला।
इस चुनौतीपूर्ण कार्रवाई में डीएसटी इंचार्ज एसआई प्रताप सिंह, एएसआई पन्नालाल और कांस्टेबल विनोद कुमार सहित पूरी टीम शामिल रही। पुलिस ने पिकअप और अवैध मादक पदार्थ को जब्त कर धरियावद थाने में मामला दर्ज कर लिया है। मुठभेड और फायरिंग की सूचना के बाद एसपी ने तुरंत पूरे जिले को अलर्ट मोड पर डाल दिया और फरार तस्करों की धरपकड़ के लिए नाकाबंदी सख्त कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तस्करों ने पुलिस टीम को निशाना बनाकर सीधा हमला किया था, इसके जवाब में पुलिस को भी मोर्चा संभालना पड़ा।