शहीद दिवस के अवसर पर पदयात्रा का आयोजन
घाटशिला: पूर्वी सिंहभूम: मेरा युवा भारत, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर द्वारा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आज दिनांक 23 मार्च 2026 को शहीद दिवस के अवसर पर जिला युवा पदाधिकारी मंटू पातर के नेतृत्व में एक भव्य पदयात्रा का आयोजन किया गया।
इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों, युवाओं एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतिभागियों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर देशभक्ति के नारों के साथ पदयात्रा निकाली तथा महान स्वतंत्रता सेनानियों — शहीद भगत सिंह, शहीद सुखदेव एवं शहीद राजगुरु को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना को जागृत करना तथा शहीदों के बलिदान को स्मरण करना था। इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने का संकल्प भी लिया।
यह पदयात्रा उत्क्रमित मध्य विद्यालय धातकीडीह से निकल कर धातकीडीह गाँव का भ्रमण कर सफलतापूर्वक संपन्न हुई और सभी प्रतिभागियों ने शहीदों के आदर्शों पर चलने का संदेश दिया।
शहीद दिवस पर पदयात्रा के दौरान स्कूली विद्यार्थियों ने दिया स्वच्छता पर संदेश रैली के दौरान सड़कों पर बिखरी कूड़ा, कचरा, प्लास्टिक एवं अपशिष्ट पदार्थों को स्वच्छता मंत्री कासमिता मार्डी के नेतृत्व में विद्यार्थियों द्वारा डस्टबिन लेकर सफाई अभियान भी चलाई गई।
पदयात्रा समाप्त होने के उपरांत विद्यालय के सभागार में शहीद दिवस पर कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें मुख्य रूप से जिला युवा पदाधिकारी मंटू पातर, पंचायत समिति सदस्य महुलिया शीला गोप, उप मुखिया कपिल देव शर्मा, प्रधानाध्यापक साजिद अहमद ने अपने वक्तव्य प्रस्तुत किये और सभी ने कहा कि देश और राष्ट्र से बढ़कर दूसरा कुछ नहीं है।
देश का हर युवा में देश भक्ति एवं राष्ट्र प्रेम आवश्यक है इससे देश की अखंडता एवं एकता मजबूत होती है और इस तरह के कार्यक्रम से राष्ट्र प्रेम तथा देशभक्ति बढ़ती है।
वीर भगत सिंह सुखदेव एवं राजगुरु का बलिदान से हम सभी को देश के प्रति सच्चा प्रेम को दर्शाता है। सभा का संचालन प्रभारी प्रधानाध्यापक साजिद अहमद ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक रूप कुमार सेट द्वारा दी गई।
मौके पर शिक्षक निखिल रंजन धावरिया, अमरजीत माझी, हितेंद्र नाथ करुवा, एस एम सी अध्यक्ष मालती मुर्मू, बसंती मुर्मू, अम्बाला मुर्मू, सुखी टुडू, वॉलेंटियर बैद्यनाथ हांसदा, सनातन मुर्मू सहित सैकड़ो विद्यार्थी उपस्थित थे।