शहीद दिवस पर पाली में निकला विशाल मशाल जुलूस, शहरवासियो में जगाया देशभक्ति का जोश।
शहीद दिवस पर पाली में निकला विशाल मशाल जुलूस, शहरवासियों में जगाया देशभक्ति का जोश ।
पाली 23 मार्च सोमवार। आर्य समाज महिला आर्य समाज और उसकी युवा शाखा आर्य वीर दल पाली की और से शहीद दिवस पर आर्य समाज प्रधान मगाराम आर्य, मंत्री विजयराज आर्य, आर्य वीर दल संरक्षक संरक्षक धनराज आर्य, अध्यक्ष दिलीप परिहार, महिला आर्य समाज की संरक्षक सीमा परिहार, प्रधान अंकिता सिरवी, उप प्रधान निर्मला मेवाड़ा के नैतृत्व में विशाल मशाल जुलूस निकला जिसको जिला कलेक्टर एल एन मंत्री भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भण्डारी एवं उद्यमी उगमराज सांड के मुख्य आतिथ्य में शहीद स्मारक पर दीप प्रज्जवलन कर शहीदों की झांकी के साथ रवाना किया गया।
शहीद स्मारक से यह जुलूस देशभक्ति के गीतो और भगत सिंह...... अमर रहे। शहीदों की...... जय हो। आर्य समाज...... अमर रहे। हम बदलेंगे ........जग बदलेगा। हम सुधरेगे.........जग सुधरेगा। आर्य वीरो .......जागो.............। संसार के सर्वश्रेष्ठ पुरुषो......एक हो । 'वेदिक धर्म की........जय हो। सत्य को ......ग्रहण करो। असत्य को ........छोड़ दो। शहीदो का बलिदान अमर रहें......। देश का नाम रोशन रहे। भगत सिंह का सपना.......स्वतंत्र और खुशहाल हो भारत अपना । आजादी की लौ........ बुझझने न पाएगी, शहीदों का बलिदान हमें सदा राह दिखाएगी।
मौत को गले लगाना है.........देश को जगाना है। जैसें नारे लगाते हुए और जय घोष करते शहरवासियों में जोश व उत्साह का संचार करते हुए यह विशाल मशाल जुलूस निकला जिसमे 10 वर्ष के बच्चे से लेकर 75 वर्ष के बुजुर्गो ने अत्यन्त उत्साह और श्रद्धा से भाग लिया जिसको देखने के लिए शहरवासियों का हुजूम उमड़ पड़ा।
प्रचार मंत्री घेवरचन्द आर्य ने बताया की जुलूस महर्षि दयानंद सरस्वती व्यायामशाला लाखोटिया मार्ग से शहीद स्मारक पहुंचा जहां शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद जिला कलेक्टर एल एन मंत्री द्वारा जुलूस को रवाना किया जो गांधी मुर्ति भेरू घाट सोमनाथ धोला चोतरा सूरज पोल अम्बेडकर सर्कल से पुनः गाधीमुर्ति से आर्य वीर दल शाखा में आकर समाप्त हुआ। जुलूस का भेरू घाट व्यापार मण्डल सोमनाथ व्यापार मण्डल और सुरज पोल व्यापार मण्डल द्वारा पुष्प वर्षा कर साफा बंधवाकर स्वागत किया गया व्यापारियों द्वारा बच्चों को आइसक्रीम चाकलेट बिस्कुट दिये गये।
रिपोर्ट घेवरचन्द आर्य