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Big Breaking धालभूमगढ़ हवाई अड्डा विकास को लेकर अहम बैठक, वन मंजूरी और भूमि उपलब्धता पर जोर

जमशेदपुर : झारखंड सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 28 जनवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें धालभूमगढ़ हवाई अड्डे के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई तथा आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश भी जारी किए गए।
बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि धालभूमगढ़ में प्रस्तावित हवाई अड्डे के विकास के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ही एकमात्र प्रस्तावक है। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए वन मंजूरी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिस पर विशेष रूप से जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर मंजूरी प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि परियोजना में किसी प्रकार की देरी न हो।
एयरपोर्ट निदेशक, बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची के विनोद कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार और एएआई के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत यह स्पष्ट प्रावधान है कि राज्य सरकार को हवाई अड्डे के विकास के लिए सभी प्रकार के अवरोधों से मुक्त भूमि उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण और उससे जुड़े सभी विवादों का समाधान समयबद्ध तरीके से करना बेहद आवश्यक है, ताकि परियोजना सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि धालभूमगढ़ हवाई अड्डे का विकास पूर्वी सिंहभूम जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा। इससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इसके साथ ही, जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को हवाई यात्रा की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
सरकार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें और परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा करें। उम्मीद जताई जा रही है कि सभी औपचारिकताओं के पूर्ण होने के बाद जल्द ही धालभूमगढ़ हवाई अड्डे के विकास कार्य को गति मिलेगी।

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