रामगढ़ सेक्टर सुपरवाइजर पर नियम उल्लंघन व अनियमितताओं के गंभीर आरोप,?
महिला एवं बाल विकास विभाग से जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग ?
खबर: nilesh sony
रामगढ़ क्षेत्र में पदस्थ सेक्टर सुपरवाइजर पर विभागीय नियमों की अनदेखी एवं कार्यप्रणाली में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
जानकारी के अनुसार, नियमानुसार सेक्टर सुपरवाइजर को अपने कार्यक्षेत्र में निवास कर सतत निगरानी एवं संचालन करना अनिवार्य होता है,
किंतु संबंधित अधिकारी द्वारा क्षेत्र में निवास नहीं किया जा रहा है, जिससे आंगनबाड़ी सेवाओं के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय में कमी, ऑनलाइन कार्यों में कथित आर्थिक लेनदेन तथा बच्चों के पोषण कार्यक्रमों में लापरवाही जैसे कई गंभीर मुद्दे सामने आए हैं।
इससे न केवल शासकीय योजनाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, बल्कि लाभार्थी बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर पर भी नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि संबंधित सेक्टर सुपरवाइजर के कार्यकाल में योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव देखा जा रहा है, जिससे विभाग की साख पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में भी इस स्थिति को लेकर असंतोष व्याप्त है।
जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
साथ ही दोषी पाए जाने पर संबंधित सेक्टर सुपरवाइजर के विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस प्रकार की अनियमितताओं पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो सरकार की महत्वाकांक्षी महिला एवं बाल विकास योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता दिखाते हुए आवश्यक कदम उठाता है।