सेलाकुई थाना बना भू माफिया का अड्डा 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान देवी सिंह को नहीं मिला इंसाफ उल्टा झूठा मुकदमा दर्ज कराया माफिया के प्रार्थना पत्र पर
उत्तराखंड देहरादून तहसील विकास नगर
*सेलाकुई पुलिस थाना भूमाफिया का बना अड्डा? 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान देवी सिंह को इंसाफ नहीं, उल्टा झूठा मुकदमा!**
**देहरादून (उत्तराखंड)** विकासनगर तहसील के सेलाकुई क्षेत्र में भूमाफिया का आतंक चरम पर है 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान ,देवी सिंह, जो सिंघनीवाला निवासी हैं, अपनी भूमि पर गेहूं की फसल बोकर परिवार का गुजारा चला रहे थे। 2024 से लगातार खेती कर रहे देवी सिंह ने दो साल पहले अमरूद के पेड़ भी लगाए थे। लेकिन अब उनकी जमीन पर भूमाफिया की नजर पड़ गई है। बुजुर्ग के प्रार्थना पत्रों पर न केवल कोई कार्रवाई हुई, बल्कि सेलाकुई थाने में उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया गया। आरोप है कि खाकी माफिया की मददगार बन गई है?
देवी सिंह ने सेलाकुई थाने से लेकर एसएसपी देहरादून तक बार-बार प्रार्थना पत्र दिए। उन्होंने भूमाफिया द्वारा भूमि पर कब्जा करने की कोशिश, धमकियों और तोड़फोड़ की शिकायत की। लेकिन उल्टा पुलिस ने माफिया के झूठे प्रार्थना पत्र के आधार पर बुजुर्ग पर ही फर्जी केस लिख दिया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, माफिया के गुर्गों ने दो फीट की बाउंड्री वॉल तोड़ दी, लोहे की जाली उखाड़ ली और फसल को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। पुलिस स्टेशन को "भूमाफिया का सुरक्षित आश्रय" बताया , जहां शिकायतकर्ता की नहीं, बल्कि माफिया की सुनवाई हो रही है।
**पीड़ित की दर्द भरी कहानी**
देवी सिंह जैसे बुजुर्ग किसान2005 से इस जमीन पर निर्भर हैं। और 2024 में इस जमीन की इधर-उधर से पैसा इकट्ठा कर रजिस्ट्री करवा ली थी व परिवार का पालन-पोषण इसी फसल से होता था। अमरूद के पेड़ अभी छोटे थे, लेकिन माफिया ने उन्हें भी निशाना बनाया। देवी सिंह ने डीएम कार्यालय, एसएसपी और थाने में सुरक्षा की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उल्टा पुलिस ने उन्हें घंटों थाने में बैठाकर रखा