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हमारे वतन के लिए हँसते-हँसते अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव जी को शत् शत् नमन.....

आज भी आँखें नम हो जाता हैं जब याद आते हैं वो महान सुरवीर जिन्होंने हँसते-हँसते देश के लिए जान दे दी।

जी हां मैं बात कर रहा हूं भारत माता के प्रिय पुत्र महान क्रांतिकारी अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु जिन्होंने गुलाम भारत देश को अंग्रेजों से आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया और हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल कर शहीद हो गए।

कुछ महान शहीदों के नाम मैं आप लोगों को दर्शाता हूं......

शहीद भगत सिंह को 23 मार्च 1931 को फांसी दी गई।
शहीद खुदीराम बोस को 11 अगस्त 1908 को फांसी दी गई।
शहीद राजगुरु को 23 मार्च 1931को शहीद भगत सिंह के साथ फांसी दी गई।
शहीद सुखदेव को 23 मार्च 1931 को फांसी दी गई।
शहीद रामप्रसाद बिस्मिल को 19 दिसंबर 1927 को फांसी दी गई।
शहीद अशफाक उल्ला खान को 19 दिसंबर 1927 को फांसी दी गई।

देश की आज़ादी पर शहीद महान क्रांतिकारी व अमर शहीदों को शहीद दिवस पर कोटि-कोटि नमन एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि।

हमारे वतन के लिए हँसते-हँसते अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव जी को शत् शत् नमन.....
।।।भारत माता की जय वीर शहीदों की जय।।।

AIMA MEDIA DAULAT DEEPAK KUMAR

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