छत्तीसगढ़ में अफीम का उभरता कारोबार; रायगढ़ में 2 करोड़ की अफीम जब्त
छत्तीसगढ़ _22 मार्च 2026
रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट इलाके में पुलिस ने करीब एक एकड़ में अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया है। झारखंड के खूंटी जिले के रहने वाले मार्शल सांगा को गिरफ्तार किया गया है, जिसने 10 साल पहले रायगढ़ में शादी की थी और तरबूज व सब्जी उगाने के बहाने खेत लेकर दोस्तों के साथ मिलकर अफीम का कारोबार शुरू कर दिया।
पुलिस ने 60,326 अफीम के पौधे और 3 किलो तैयार अफीम जब्त की है जिसकी कुल कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। दो आरोपी इमानवेल भेंगरा और सीप्रियन भेंगरा अभी भी फरार हैं
इस मामले पर राजनीति भी गरमा गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती के पीछे भाजपा के पदाधिकारियों का हाथ है। उन्होंने दुर्ग, बलरामपुर, तमनार और नगरी-सिहावा के उदाहरण देते हुए बताया कि दुर्ग में खेती करने वाला और बलरामपुर में जमीन उपलब्ध कराने वाला दोनों ही भाजपा के पदाधिकारी हैं। बघेल ने यह भी कहा कि धमतरी के नगरी-सिहावा में भाजपा के एक पदाधिकारी के फार्म हाउस में 20 एकड़ में अफीम लगी हुई थी और जैसे ही उन्होंने इसका खुलासा किया, वहां तुरंत बुलडोजर चला दिया गया। इससे साफ संकेत मिलता है कि भाजपा से जुड़े लोगों की अफीम की खेती में संलग्नता से इनकार नहीं किया जा सकता।
पूर्व मंत्री टीएस सिंहदेव ने निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने इस मामले को बेहद चिंताजनक बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस ने इस पर बीजेपी का संरक्षण होना बताया है।
वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन में बोए गए बीज अब पौधे बन रहे हैं और साय सरकार ही इनका खुलासा कर कार्रवाई कर रही है।
खबर निष्कर्ष:
वर्तमान सरकार पूर्व सरकार को दोषी बताकर इस मामले पर पर्दा नहीं डाल सकती। क्योंकि शिकायत आज की है, कल की नहीं। खुलासे वर्तमान के हैं, तो जवाबदेही भी वर्तमान सरकार की ही बनती है।
जनता ने जिसे चुना है, जवाब उसी को देना होगा। कल, आज और कल के बीच की सच्चाई जनता देख रही है।
जन चौपाल 36/www.Janchoupal36.com