Shaheed Udham Singh Co Edu Secondary School, में फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर
सेवा में,
शिक्षा अधिकारी
शिक्षा निदेशालय, दिल्ली सरकार
दिल्ली
विषय: Shaheed Udham Singh Co Edu Secondary School, Zone-8, Shastri Nagar, Delhi-52 में फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अवैध Chairman, Manager एवं Cashier द्वारा विद्यालय प्रबंधन चलाए जाने तथा विद्यालय की संपत्ति हड़पने के प्रयास के संबंध में शिकायत।
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं आपका ध्यान Shaheed Udham Singh Co Edu Secondary School, Zone-8, Shastri Nagar, Delhi-52 की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ, जहाँ वर्तमान में विद्यालय का संपूर्ण प्रबंधन फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से संचालित किया जा रहा है।
यह अत्यंत गंभीर विषय है कि विद्यालय में तथाकथित अवैध Chairman, अवैध Manager एवं अवैध Cashier नियुक्त होकर कार्य कर रहे हैं, जबकि इस संबंध में Zone-8 कार्यालय को भी पूर्व से जानकारी होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई है।
शिकायत के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. विद्यालय की वर्तमान पूरी Management अवैध (Illegal) है, क्योंकि नियुक्तियाँ फर्जी/कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर की गई प्रतीत होती हैं।
2. नवंबर 2024 में हुए चुनाव (Election) का परिणाम संबंधित व्यक्तियों के पास उपलब्ध होने के बावजूद उसे जानबूझकर नजरअंदाज किया गया, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ।
3. चुनाव परिणाम को दबाकर विद्यालय की लाखों रुपये की चल-अचल संपत्ति हड़पने की साजिश की जा रही है।
4. अवैध प्रबंधन द्वारा विद्यालय के वित्तीय लेन-देन, खातों एवं संपत्ति के दुरुपयोग की प्रबल संभावना है।
5. यह समस्त गतिविधियाँ शिक्षा अधिनियम, सोसाइटी रजिस्ट्रेशन नियम एवं सेवा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन हैं।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि:
• विद्यालय की वर्तमान Management की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
• फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर कार्य कर रहे Chairman / Manager / Cashier को तत्काल पद से हटाया जाए।
• नवंबर 2024 के वैध चुनाव परिणाम को लागू किया जाए।
• विद्यालय की आय-व्यय, बैंक खाते एवं संपत्ति का विशेष ऑडिट कराया जाए।
• दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी एवं विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
महोदय/महोदया, यदि समय रहते कार्यवाही नहीं की गई तो विद्यालय, छात्रों एवं सार्वजनिक धन को अपूरणीय क्षति हो सकती है, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।