सिक्किम राज्यपाल माथुर ने किया गागरोन दुर्ग का भ्रमण: प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक विरासत की सराहना की
सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने रविवार को झालावाड़ जिले में स्थित विश्व धरोहर गागरोन जल दुर्ग का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने कालीसिंध और आहू नदियों के संगम स्थल के अद्भुत प्राकृतिक दृश्य की सराहना की।
राज्यपाल माथुर ने दुर्ग की ऐतिहासिक और स्थापत्य विशेषताओं में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि बिना नींव के चट्टानों पर सदियों से अडिग खड़ा यह दुर्ग भारतीय शौर्य, पराक्रम और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने इसे अद्वितीय और अविश्वसनीय बताते हुए देश की गौरवशाली पहचान बताया।
भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने किले के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का पैदल अवलोकन किया और उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को समझा। इस अवसर पर जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने उन्हें गागरोन दुर्ग के इतिहास, यहां हुए जौहर की गौरवगाथा, विभिन्न शासकों के योगदान, संत पीपा के जीवन प्रसंग और प्रसिद्ध गागरोनी तोतों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
राज्यपाल ने गागरोन जल दुर्ग के संरक्षण और पर्यटन की दृष्टि से इसके महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह स्थल देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक विशेष आकर्षण का केंद्र बन सकता है। उन्होंने इस धरोहर के समुचित संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर भी बल दिया।
इस अवसर पर एसपी अमित कुमार, झालावाड़ एसडीएम अभिषेक चारण, एसडीएम खानपुर रजत कुमार विजयवर्गीय, डिप्टी खानपुर गरिमा जिंदल और पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
राज्यपाल झालावाड़ में एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए हवाई मार्ग से पहुंचे थे। रात्रि विश्राम के बाद उन्होंने गागरोन दुर्ग का भ्रमण किया और दोपहर 12 बजे बाद झालावाड़ से दिल्ली के लिए रवाना हुए।
Aima मीडिया झालावाड़