नवरात्र पर कन्या पूजन के नाम पर बढ़ती संदिग्ध गतिविधियां, स्थानीय लोगों में चिंता
मुंबई | विवेक मिश्रा
नवरात्र के दौरान कन्या पूजन की परंपरा के बीच एक चिंताजनक प्रवृत्ति सामने आ रही है। कई शहरों में चौराहों, मेट्रो स्टेशनों और रिहायशी इलाकों के आसपास छोटी बच्चियों के समूहों की संख्या अचानक बढ़ जाती है, जो घर-घर जाकर कन्या पूजन के नाम पर आटा, फल, भोजन और नकद राशि एकत्र करती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गतिविधि अब स्वतःस्फूर्त न होकर संगठित रूप लेती दिख रही है। कई मामलों में देखा गया है कि पूजन के बाद बच्चियां तिलक मिटाती और कलावा हटाती नजर आती हैं, जिससे संदेह पैदा होता है कि इनके पीछे कोई नेटवर्क काम कर रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस तरह की घटनाएं बाल शोषण और भीख मंगवाने के संगठित गिरोहों की ओर इशारा कर सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले की जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी बच्चे का इस्तेमाल धार्मिक या आर्थिक लाभ के लिए न किया जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि श्रद्धालुओं को भी सतर्क रहने की जरूरत है। कन्या पूजन की परंपरा को निभाते समय यह ध्यान रखना आवश्यक है कि मदद सही और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे, न कि किसी गलत व्यवस्था को बढ़ावा दे।
प्रशासन से मांग की जा रही है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में निगरानी बढ़ाई जाए और यदि कोई संगठित गतिविधि पाई जाती है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाए।