OTP न आने से गैस से वंचित रहे ‘पीपल मैन’, एजेंसी पर उठे सवाल चूल्हे पर बनाना पड़ा भोजन, कालाबाजारी की आशंका
📰 विशेष समाचार रिपोर्ट
हमीरपुर/मौदहा (उत्तर प्रदेश) पर्यावरण प्रेमी एवं समाजसेवी ‘पीपल मैन’ डॉ. रघुराज प्रताप सिंह के साथ घटी एक घटना ने गैस वितरण व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है।
दिल्ली से अपने पैतृक गांव ग्राम कपसा, तहसील मौदहा, जनपद हमीरपुर पहुंचने के बाद, उन्हें लगातार एक सप्ताह तक LPG गैस बुकिंग के दौरान OTP प्राप्त नहीं हुआ। इस तकनीकी समस्या के चलते उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल सका।
एजेंसी ने किया साफ इंकार जब वे नजदीकी गैस एजेंसी गुसियारी डिस्ट्रीब्यूटर पहुंचे, तो वहां एजेंसी कर्मियों ने यह कहते हुए गैस देने से मना कर दिया कि— “OTP के बिना गैस नहीं दी जाएगी।” कई बार प्रयास करने के बावजूद OTP न मिलने से वे खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए।
चूल्हे पर लौटने की मजबूरी गैस न मिलने के कारण डॉ. सिंह को पारंपरिक चूल्हे पर भोजन बनाना पड़ा। यह स्थिति बताती है कि एक छोटी तकनीकी समस्या भी आम नागरिक की मूलभूत जरूरतों को किस तरह प्रभावित कर सकती है। कालाबाजारी की आशंका
डॉ. सिंह ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा— “यह केवल तकनीकी समस्या नहीं है, बल्कि इससे गैस वितरण में गड़बड़ी या कालाबाजारी की आशंका भी पैदा होती है। OTP के नाम पर लोगों को गैस से वंचित करना चिंताजनक है।”
उच्चस्तरीय जांच की मांग उन्होंने देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वैकल्पिक व्यवस्था की अपील डॉ. सिंह ने प्रशासन से आग्रह किया कि OTP आधारित प्रणाली के साथ-साथ वैकल्पिक व्यवस्था भी लागू की जाए, जैसे— पहचान पत्र के आधार पर सत्यापन मैनुअल गैस वितरण ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक को इस प्रकार की परेशानी न झेलनी पड़े। अंतिम संदेश “जब एक नागरिक को गैस न मिलने पर चूल्हे पर लौटना पड़े, तो यह व्यवस्था में सुधार की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है।”
जारीकर्ता:
पीपल मैन फाउंडेशन
(डॉ. रघुराज प्रताप सिंह)