कौशाम्बी में 2 करोड़ का घोटाला उजागर, म्योहर ग्राम पंचायत में हड़कंप
कौशाम्बी (उत्तर प्रदेश), ब्यूरो।
कौशाम्बी जिले के कौशाम्बी ब्लॉक स्थित म्योहर ग्राम पंचायत में कथित तौर पर करीब 2 करोड़ रुपये के बड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।
समाजसेवी आनंद सिंह ने दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव ने विकास कार्यों के नाम पर भारी धनराशि का गबन किया। उन्होंने बताया कि यह मामला केवल एक कार्य तक सीमित नहीं, बल्कि कई योजनाओं में अनियमितताओं का बड़ा नेटवर्क है।
आरटीआई में भी खुली पोल
सूत्रों के अनुसार, सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी में भी कई कार्यों में फर्जी बिलिंग, घटिया निर्माण और बिना काम के भुगतान जैसी गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं।
घोटाले के प्रमुख आरोप पंप मरम्मत: हैंडपंप और पानी की टंकियों के नाम पर फर्जी बिल लगाकर लाखों की निकासी
नाली निर्माण: कई जगह नालियां बनी ही नहीं, फिर भी भुगतान कर दिया गया
सड़क निर्माण: घटिया सामग्री का उपयोग, पहली बारिश में ही सड़कें खराब
स्ट्रीट लाइट: या तो लाइटें लगी ही नहीं या बेहद निम्न गुणवत्ता की पाई गईं।
ग्रामीणों का गुस्सा फूटा मामले के उजागर होने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने व बर्खास्तगी की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिला मुख्यालय का घेराव करेंगे।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। अब यह देखना अहम होगा कि जांच कितनी पारदर्शी होती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
सवाल अब भी बाकी
क्या वाकई होगी निष्पक्ष जांच?
क्या दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी?
या मामला कागजों में ही दब जाएगा?
ब्यूरो रिपोर्ट:
सुशील कुमार दिवाकर
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