रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। वित्त मंत्रालय ने रनिंग स्टाफ के लिए किलोमीटर अलाउंस (KMA) में 25% बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।
रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। वित्त मंत्रालय ने रनिंग स्टाफ के लिए किलोमीटर अलाउंस (KMA) में 25% बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। हालांकि, अभी रेलवे और वित्त मंत्रालय की ओर से इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होना बाकी है, लेकिन इस खबर से कर्मचारियों के बीच उत्साह का माहौल बन गया है। माना जा रहा है कि इस फैसले का फायदा देशभर के लाखों रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा, खासकर लोको पायलट, गार्ड और ट्रेन संचालन से जुड़े स्टाफ को।
इस फैसले की पुष्टि ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने की है। उन्होंने इसे कर्मचारियों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि यह लंबे समय से उठाई जा रही मांग और लगातार प्रयासों का नतीजा है। मिश्रा के मुताबिक, हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई बैठकों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था, जिसके बाद यह मंजूरी मिल सकी।
किलोमीटर अलाउंस क्या है
अब सवाल यह है कि किलोमीटर अलाउंस यानी KMA आखिर होता क्या है। दरअसल, रेलवे के रनिंग स्टाफ जैसे लोको पायलट और गार्ड को सामान्य TA/DA नहीं मिलता। उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा इस बात पर निर्भर करता है कि वे ड्यूटी के दौरान कितनी दूरी तय करते हैं। यानी जितने ज्यादा किलोमीटर, उतनी ज्यादा कमाई। इसके साथ ही एक न्यूनतम गारंटी सिस्टम भी होता है, जिससे कम दूरी होने पर भी तय भुगतान मिल जाता है।
इस 25% बढ़ोतरी का सीधा असर कर्मचारियों की मासिक आय पर पड़ेगा। हालांकि यह फायदा हर कर्मचारी के लिए अलग-अलग होगा, क्योंकि यह उनकी ड्यूटी के किलोमीटर पर निर्भर करता है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई कर्मचारी अभी KMA के तौर पर 10,000 रुपये कमा रहा है, तो बढ़ोतरी के बाद यह राशि करीब 12,500 रुपये तक पहुंच सकती है। यानी हर महीने अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
खास बात यह है कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज हो रही है। ऐसे में KMA में यह बढ़ोतरी आने वाले बड़े बदलावों का संकेत भी मानी जा रही है। शिव गोपाल मिश्रा के मुताबिक, महंगाई भत्ता (DA) जब 50% तक पहुंच जाता है, तो नियमों के अनुसार कई भत्तों में संशोधन किया जाता है। यही वजह है कि इस बढ़ोतरी को उसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, यह फैसला रेलवे कर्मचारियों के लिए राहत और उम्मीद दोनों लेकर आया है। आने वाले समय में अगर 8वां वेतन आयोग लागू होता है, तो सैलरी और भत्तों में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल, KMA में बढ़ोतरी ने कर्मचारियों के चेहरे पर मुस्कान जरूर ला दी है।