(Rouble Nagiको हाल ही में दुबई में आयोजित 'वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट' (World Governments Summit 2026) के दौरान प्रतिष्ठित 'ग्लोबल टीचर प्राइज 2026'
भारत की प्रसिद्ध कलाकार और समाज सेविका रूबल नागी (Rouble Nagi) को हाल ही में दुबई में आयोजित 'वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट' (World Governments Summit 2026) के दौरान प्रतिष्ठित 'ग्लोबल टीचर प्राइज 2026' (Global Teacher Prize) से सम्मानित किया गया है।
इस पुरस्कार से जुड़ी मुख्य जानकारी निम्नलिखित है:
पुरस्कार का विवरण
नाम: ग्लोबल टीचर प्राइज 2026 (इसे अक्सर 'शिक्षा का नोबेल' भी कहा जाता है)।
राशि: 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 8.3 करोड़ रुपये)।
आयोजक: यह पुरस्कार 'वर्की फाउंडेशन' (Varkey Foundation) द्वारा यूनेस्को (UNESCO) के सहयोग से दिया जाता है।
प्रस्तुतकर्ता: दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
उन्हें यह पुरस्कार क्यों मिला?
रूबल नागी को यह सम्मान उनके पिछले दो दशकों के असाधारण कार्यों के लिए दिया गया है:
लिविंग वॉल्स ऑफ लर्निंग: उन्होंने झुग्गी-झोपड़ियों और ग्रामीण क्षेत्रों की दीवारों को "इंटरैक्टिव लर्निंग बोर्ड" में बदल दिया है, जिससे बच्चे खेल-खेल में साक्षरता, स्वच्छता और विज्ञान जैसे विषय सीख सकें।
लर्निंग सेंटर्स: उनकी संस्था 'रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन' ने पूरे भारत में 800 से अधिक लर्निंग सेंटर स्थापित किए हैं, जो उन बच्चों को शिक्षा से जोड़ते हैं जो औपचारिक स्कूलों से बाहर हैं।
मिसाल इंडिया: इस अभियान के तहत उन्होंने लाखों घरों की मरम्मत और पेंटिंग के साथ-साथ समुदायों में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है।
भविष्य की योजना
रूबल नागी ने घोषणा की है कि वह इस पुरस्कार राशि का उपयोग एक 'स्किलिंग इंस्टीट्यूट' (Skilling Institute) बनाने के लिए करेंगी, जहाँ वंचित युवाओं और महिलाओं को मुफ्त व्यावसायिक और डिजिटल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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