गणतंत्र दिवस पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को सम्मान देना अनिवार्य करने की पहल
नासिक: सूत्र
संविधान के सम्मान और जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। जानकारी के अनुसार, सरकारी और अर्धसरकारी कार्यालयों के साथ-साथ निजी स्कूलों में भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के योगदान को सम्मान देने और भारतीय संविधान के निर्माण के इतिहास की जानकारी देने का निर्देश जारी किया गया है।
बताया गया है कि इस मांग को लेकर समाज में काफी समय से आवाज उठ रही थी। विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं, विद्यार्थियों और नागरिकों ने इस पहल का समर्थन किया। “आम्ही भारताचे लोक, जनआक्रोश नाशिककर” जैसे संगठनों द्वारा चलाए गए अभियान के बाद इस विषय पर प्रशासन का ध्यान गया और अब इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किए गए हैं।
इस निर्णय के तहत गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा या चित्र को सम्मान देना, साथ ही छात्रों और कर्मचारियों को भारतीय संविधान की भूमिका और महत्व के बारे में जानकारी देना अनिवार्य किया जाएगा। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी में संविधान के मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करना बताया जा रहा है।
समाज के विभिन्न वर्गों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे युवाओं को संविधान और उसके निर्माता के योगदान के बारे में सही जानकारी मिलेगी और देश में संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान और अधिक मजबूत होगा।