गृह कर वृद्धि के खिलाफ व्यापारिक एवं सामाजिक संगठनों की संयुक्त बैठक, 24 मार्च को ज्ञापन सौंपने का ऐलान
गृह कर पीड़ित संघर्ष समिति का गठन
गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा प्रस्तावित/लागू गृह कर (हाउस टैक्स) में भारी वृद्धि के विरोध में गृह कर पीड़ित संघर्ष समिति की एक आवश्यक बैठक के०जी०-35, कवि नगर में आयोजित की गई। बैठक में शहर के विभिन्न व्यापारी संगठनों, एनजीओ एवं आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर इस मुद्दे पर गंभीर मंथन किया।
बैठक में सर्वसम्मति से वक्ताओं ने कहा कि गृह कर में की गई अत्यधिक वृद्धि न केवल विधिसम्मत सिद्धांतों के विरुद्ध है, बल्कि यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का भी उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस निर्णय से आम नागरिकों, व्यापारियों एवं मध्यम वर्गीय परिवारों पर असहनीय आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जो जनहित के खिलाफ है।
बैठक के दौरान “गृह कर पीड़ित संघर्ष समिति” के विधिवत गठन की घोषणा की गई। समिति ने निर्णय लिया कि वह इस जनहित के मुद्दे को कानूनी एवं लोकतांत्रिक तरीके से उठाते हुए गृह कर वृद्धि को तत्काल वापस कराने के लिए संघर्ष करेगी।
साथ ही निर्णय लिया गया कि 24 मार्च 2026 (मंगलवार) को प्रातः 10:30 बजे मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन जिलाधिकारी, गाजियाबाद के माध्यम से सौंपा जाएगा। ज्ञापन में गृह कर वृद्धि को निरस्त करने की मांग प्रमुख रूप से रखी जाएगी।
बैठक में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई नहीं की गई, तो समिति शांतिपूर्ण आंदोलन, जन-जागरूकता अभियान एवं अन्य लोकतांत्रिक कदम उठाने के लिए बाध्य होगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
समिति ने शहर के नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में 24 मार्च को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करें।
इस अवसर पर प्रीतम लाल (जिला अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल) जिला मीडिया प्रभारी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, बालकृष्ण गुप्ता “बालू भाई” (जिला अध्यक्ष, राष्ट्रीय व्यापार मंडल), संजय शर्मा (महामंत्री, राष्ट्रीय व्यापार मंडल), आशु पंडित, ओम दत्त गुप्ता, पंकज, राधेश्याम, वीरेंद्र गुप्ता, दीपेंद्र गुप्ता, नरेंद्र कुमार गुप्ता “नंदी”, पंडित अशोक भारतीय, संदीप त्यागी, अजय जैन एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।