ड्यूटी से पहले थम गई सांसः पुलिस क्वार्टर में मिला कॉन्स्टेबल का शव, साइलेंट अटैक की आशंका
भीलवाड़ा। जिले के करेड़ा थाना परिसर में शुक्रवार सुबह एक दुखद घटना सामने आई, जहां कॉन्स्टेबल कैलाश चंद्र मीणा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शुरुआती जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक, विशेष रूप से साइलेंट अटैक माना जा रहा है। घटना सुबह करीब 9 बजे की है। कॉन्स्टेबल कैलाश चंद्र (50), जो थाने में वाहन चालक के रूप में कार्यरत थे, रोजाना की तरह सुबह मंदिर में पूजा करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने लांगरी को बताया था कि आज नवरात्रि का व्रत है, इसलिए उनका खाना नहीं बनाया जाए। इसके बाद वे वर्दी पहनने अपने क्वार्टर लौट गए। जब निर्धारित समय पर वे
ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, तो थानाधिकारी पूरण मीणा उन्हें बुलाने क्वार्टर पहुंचे। वहां देखा कि कैलाश चंद्र जमीन पर अचेत अवस्था में पड़े हैं। तत्काल उन्हें साथी पुलिसकर्मियों की मदद से करेड़ा पीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला साइलेंट हार्ट अटैक का प्रतीत हो रहा है, हालांकि
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण की पूरी पुष्टि हो सकेगी। कैलाश चंद्र मीणा मूल रूप से जयपुर जिले के जमवारामगढ़ क्षेत्र के मानोता गांव के निवासी थे। वे वर्ष 1998 में पुलिस सेवा में भर्ती हुए थे और 2017 से करेड़ा थाने में पदस्थ थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां हैं, जो जयपुर में रहते हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिजन भीलवाड़ा पहुंचे, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद पार्थिव देह उन्हें सौंप दी गई। थाने में साथी पुलिसकर्मियों ने पुष्प चक्र अर्पित कर अंतिम सलामी दी। इस दौरान माहौल भावुक हो गया। साथी कर्मियों के अनुसार, कैलाश चंद्र बेहद मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी थे।