10 साल से जर्जर सड़क बनी ग्रामीणों की मुसीबत, शिकायतों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन
फतेहपुर, जनपद फतेहपुर के विकासखंड देवमई अंतर्गत ग्राम पंचायत लाला का पुरवा में बदहाल सड़क ने ग्रामीणों का जीवन दूभर कर दिया है। गांव की मुख्य सड़क पिछले करीब 10 वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी है, जिससे रोजमर्रा का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। गांव निवासी रामराज पुत्र बृजलाल ने बताया कि खराब सड़क के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है।
वहीं ग्रामीण शिव कुमार ने बताया कि गांव में खड़ंजा तो बना था, लेकिन अब वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। हालत यह है कि सड़क पर जलनिकासी तक नहीं हो पाती, जिससे गंदा पानी भरा रहता है और लोगों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। यह समस्या पिछले 3 वर्षों से और भी गंभीर हो गई है।
बरसात के दिनों में हालात बदतर हो जाते हैं। गांव में जलभराव और गंदगी से बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है, छोटे-छोटे बच्चे गंदे पानी के बीच से निकलने को मजबूर हैं।
एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण सड़क योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही इन योजनाओं की हकीकत बयां कर रही है।
इस मामले में जब खंड विकास अधिकारी देवमई प्रदीप यादव से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो संपर्क नहीं हो सका।
अब देखने वाली बात यह होगी कि खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेता है या फिर ग्रामीण यूं ही बदहाल सड़क पर परेशान होते रहेंगे।