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डाकपत्थर पुनर्विकास योजना पर यूकेडी हमलावर, ₹1000 करोड़ के प्रोजेक्ट में पारदर्शिता और पुनर्वास पर उठाए सवाल

विकासनगर (देहरादून): उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) द्वारा डाकपत्थर पुनर्विकास योजना को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने प्रस्तावित रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार से पारदर्शिता और जनहित में स्पष्ट जवाब देने की मांग की। यूकेडी ने आरोप लगाया कि बिना जनसहमति और स्पष्ट योजना के इस तरह का प्रोजेक्ट लागू करना जनहित के खिलाफ है।

​संगठन महामंत्री गणेश प्रसाद काला ने डाकपत्थर पुनर्विकास योजना के मास्टर प्लान का विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए बताया कि लगभग 224 एकड़ सरकारी भूमि को एक “मॉडर्न सिटी” के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत रेजिडेंशियल ज़ोन में नई कॉलोनियां, कमर्शियल ज़ोन में बड़े कॉम्प्लेक्स और इंस्टिट्यूशनल ज़ोन में स्कूल व अस्पताल प्रस्तावित हैं। काला ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि लगभग ₹1000 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में ₹700 करोड़ का मुनाफा दर्शाना सरकारी जमीन के व्यवसायीकरण की ओर इशारा करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस पूरे प्लान में वर्तमान में रह रहे लोगों के पुनर्वास का कोई जिक्र नहीं है।

​पछुवादून इकाई के अध्यक्ष जितेंद्र पंवार ने कहा कि डाकपत्थर को “स्मार्ट सिटी” बनाने के नाम पर यहां के मूल निवासियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने मुख्य सवाल उठाए कि क्या भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पारदर्शी है और क्या एक ही अधिकारी के पास कई महत्वपूर्ण पद होने से हितों का टकराव (Conflict of Interest) उत्पन्न हो रहा है? उन्होंने सरकार से मांग की कि किसी भी प्रकार का कार्य शुरू करने से पहले जनता को विश्वास में लिया जाए और पूरे प्रोजेक्ट की स्वतंत्र जांच (Independent Inquiry) कराई जाए।

​मीडिया प्रभारी हरीश कुनियाल ने प्रेस वार्ता की शुरुआत करते हुए कहा कि डाकपत्थर क्षेत्र में प्रस्तावित योजना केवल एक विकास परियोजना नहीं, बल्कि हजारों लोगों के घर, रोजगार और भविष्य से जुड़ा संवेदनशील विषय है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रोजेक्ट में स्थानीय जनता को विश्वास में नहीं लिया गया है और न ही उनके पुनर्वास को लेकर कोई स्पष्ट नीति सामने रखी गई है।

​यूकेडी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पूरा मास्टर प्लान तैयार है—जमीन, पैसा और मुनाफा तय है, लेकिन जनता का भविष्य अब भी अधर में है। पार्टी की प्रमुख मांग है कि सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं और प्रभावित लोगों के लिए स्पष्ट पुनर्वास नीति बनाई जाए।

मुद्दे पर जनआंदोलन को आगे बढ़ाते हुए यूकेडी ने 30 मार्च 2026 को शाम 6 बजे मशाल जुलूस निकालने की घोषणा की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही पारदर्शिता नहीं दिखाई, तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

​इस अवसर पर केंद्रीय संगठन मंत्री प्रकाश भट्ट, कुकरेती ठेकेदार, ब्लॉक अध्यक्ष सौरव उनियाल और कार्यकारी नगर अध्यक्ष अरविंद तोमर सहित अन्य कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।

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