हिमाचल में चैत्र नवरात्रि की धूम,शक्तिपीठों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
चैत्र नवरात्रि का आगाज हो गया है इस पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश में पांच प्रमुख शक्तिपीठों सहित माता के दूसरे मंदिरों में पंजाब,हरियाणा,चंडीगढ़ समेत अन्य राज्यों के सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन को पहुंच रहे हैं।श्रद्धालु मां के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।मंदिरों में सुबह से ही भंडारा,हवन और कन्या पूजन हो रहा है।नवरात्रि के लिए सभी मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों और लाइटों से सजाया गया है।विशेषकर ऊना स्थित चिंतपूर्णी मंदिर इस बार विदेशी फूलों से महक रहा है,चिंतपूर्णी के अलावा कांगड़ा के ज्वालाजी,बृजेश्वरी देवी,चामुंडा देवी और बिलासपुर के नैनादेवी में भी विशेष तैयारियां की गई हैं।नवरात्रि में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए चिंतपूर्णी मंदिर के द्वार 24 घंटे खुले रखने का निर्णय लिया गया है।रात को केवल एक घंटे के लिए मंदिर को सफाई के लिए बंद किया जाएगा।मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 300 पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं।
शिमला के कालीबाड़ी , संकट मोचन, जाखू मंदिर और तारादेवी मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों के कपाट सुबह 6 बजे से भक्तों के लिए खोले गए।मंदिरों में अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।तारादेवी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए हर आधे घंटे बाद बसें चलाई जा रही है।सभी मंदिरों में दान के लिए डिजिटल व्यवस्था,जैसे QR कोड,उपलब्ध कराए गए हैं।प्रदेशभर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं,1300 से अधिक पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं,जबकि कई जगहों पर CCTV और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है।शक्तिपीठों में हथियार लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा:चैत्र नवरात्रि शक्ति उपासना का प्रमुख पर्व है।इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है।श्रद्धालु व्रत,भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के माध्यम से देवी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।