स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के लिए गुड न्यूज, एक साथ कितने टैंकर होंगे रवाना? आ गया अपडेट
भारत में गहराते एलपीजी संकट और सिलेंडरों की किल्लत के बीच समुद्री सीमा से एक ऐसी खबर आई है, जो राहत के साथ-साथ सबको हैरान कर देने वाली है। पिछले कुछ दिनों से दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण जलसंधि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) में ठप पड़ी जहाजों की आवाजाही के बीच भारतीय गैस टैंकरों को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है।
यह अपडेट सीधे तौर पर भारत की रसोई गैस सप्लाई चेन से जुड़ा है।
शिपिंग डेटा और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भारत के दो एलपीजी टैंकर 'पाइन गैस' (Pine Gas) और 'जग वसंत' (Jag Vasant) अब अपनी यात्रा फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि तेहरान (Tehran) द्वारा खाड़ी देशों से निकलने वाले जहाजों पर हमले की धमकी के बाद सैकड़ों जहाजों ने अपने लंगर डाल दिए थे।
भारतीय टैंकर के यात्रा शुरू करने के मिले संकेत
दुनिया के कुल तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है, जिससे यहां पैदा हुआ तनाव सीधे वैश्विक ऊर्जा संकट का कारण बन रहा था। शिप-ट्रैकिंग डेटा (MarineTraffic) के अनुसार, ये दोनों भारतीय टैंकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह हब के पास खाड़ी के पानी में खड़े थे, जिन्होंने शुक्रवार को अपनी यात्रा शुरू करने के संकेत (Broadcast) दिए हैं।
क्रूड ऑयल के टैंकर अभी भी ठप?
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार के आकलन और Kpler के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में इस जलमार्ग से किसी भी कच्चे तेल (Crude Oil) के टैंकर ने यात्रा नहीं की है। यहां तक कि अमेरिकी प्रतिबंधों की मार झेल रहा एक खाली कच्चा तेल टैंकर भी 18 मार्च को ईरानी जल क्षेत्र की ओर लौटता हुआ देखा गया। लेकिन इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच भारतीय एलपीजी टैंकरों का आगे बढ़ना एक महत्वपूर्ण संकेत है। व्यापारिक सूत्रों का मानना है कि ये दोनों गैस टैंकर शनिवार को अपनी यात्रा पर निकल सकते हैं।
बता दें कि 'जग वसंत' को भारत पेट्रोलियम (BPCL) और 'पाइन गैस' को इंडियन ऑयल (IOC) द्वारा चार्टर किया गया है। पिछले हफ्ते भी ईरान ने दो भारतीय एलपीजी जहाजों को इस जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी थी, जिससे भारत के लिए कूटनीतिक जीत के संकेत मिल रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय की पैनी नजर
भारत सरकार इस पूरे मामले को लेकर बेहद गंभीर है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि भारत खाड़ी के भीतर मौजूद अपने 22 जहाजों के बेड़े की 'सुरक्षित और बेरोकटोक आवाजाही' के पक्ष में है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अन्य वैश्विक नेताओं के साथ इन जहाजों के सुरक्षित मार्ग को लेकर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, केंद्रीय शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा है कि जहाजों के रवाना होने की तत्काल विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन संकेत सकारात्मक हैं।