logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

बस्ती जिले में पत्रकारों ने मंडलायुक्त को सौंपा ज्ञापन

बस्ती जिले के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से सम्बंधित पत्रकारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग की गई है। ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें हैं प्रमुख रूप से कठोर पत्रकार सुरक्षा कानून*: केंद्र सरकार से देश में एक सशक्त और कठोर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की गई है। यह कानून पत्रकारों को उनके काम के दौरान सुरक्षित रखने में मदद करेगा और उन पर होने वाले हमलों को रोकने में सहायक होगा पत्रकारों ने
*फास्ट ट्रैक कोर्ट*: के माध्यम से पत्रकारों पर हमला करने या उन्हें डराने-धमकाने वाले तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करने की मांग की गई है। यह कोर्ट पत्रकारों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करेगा और जल्द से जल्द न्याय प्रदान करेग पत्रकारों की मांग है कि पत्रकारों मे मुकदमें दर्ज होने से पहले मामलों की *उच्च स्तरीय जांच कराई जिससे किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से पहले उच्च स्तरीय जांच अनिवार्य हो । यह जांच पत्रकारों को गलत आरोपों से बचाने में मदद करेगी और उन्हें अपने काम को स्वतंत्र रूप से करने की अनुमति देगी। मीडिया के बंधुओं ने पत्रकारों के लिए बीमा और सहायता की मांग करते हुए फील्ड में कार्यरत पत्रकारों के लिए अनिवार्य बीमा योजना, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और किसी दुर्घटना या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता की गारंटी देने की मांग की गई है। यह योजना पत्रकारों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगी और उन्हें अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगी।ज्ञापन सौंपने वालों में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के पदाधिकारी और सदस्य शामिल थे, जिन्होंने पत्रकारों पर बढ़ते शारीरिक और मानसिक हमलों के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को अपने काम के दौरान कई तरह के खतरों का सामना करना पड़ता है, और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे।पत्रकारों ने यह भी मांग की है कि सरकार पत्रकारों के लिए एक विशेष सुरक्षा बल का गठन करे, जो उनकी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि यह बल पत्रकारों को उनके काम के दौरान सुरक्षा प्रदान करेगा और उन पर होने वाले हमलों को रोकने में मदद करेगा।
पत्रकारों ने सरकार से यह भी मांग की है कि वह पत्रकारों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करे, जिसमें उन्हें अपने काम के दौरान सुरक्षित रहने के तरीके सिखाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पत्रकारों को अपने काम के दौरान सुरक्षित रहने में मदद करेगा और उन पर होने वाले हमलों को रोकने में सहायक होगा।
पत्रकारों ने सरकार से यह भी मांग की है कि वह पत्रकारों के लिए एक विशेष शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित करे, जिसमें वे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें और जल्द से जल्द न्याय प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली पत्रकारों को अपने अधिकारों के लिए लड़ने में मदद करेगी और उन पर होने वाले हमलों को रोकने में सहायक होगी।
पत्रकारों ने सरकार से यह भी मांग की है कि वह पत्रकारों के लिए एक विशेष सम्मान कार्यक्रम शुरू करे, जिसमें उन्हें उनके काम के लिए सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पत्रकारों को अपने काम के लिए प्रेरित करेगा और उन पर होने वाले हमलों को रोकने में सहायक होगा।
पत्रकारों के लिए एक विशेष सहायता कोष मांग करते हुए कहा कि इसी कोष से वित्तीय सहायता प्रदान की जा जावे । उन्होंने कहा कि यह कोष पत्रकारों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा और उन पर होने वाले हमलों को रोकने में सहायक होगा।ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से वरिष्ठ उपाध्यक्ष एम. काशिफ (टाइम्स नाउ नवभारत), अनुज प्रताप सिंह (भारत समाचार), पारस नाथ मौर्य, बृजेश त्रिपाठी (न्यूज इंडिया), हिफ्जुरहमान (न्यूज 18) और वसीम अहमद (न्यूज 24), संतोष सिंह (आज तक), इंद्रजीत चौधरी (जनता टीवी), राजकुमार (टीवी24), कमलेश सिंह (जी न्यूज) सहित कई अन्य पत्रकार साथी शामिल रहे। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए इस आंदोलन को और भी तेज करेंगे। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है ताकि पत्रकारों के हितों की रक्षा हो सके।

पत्रकारों ने अपनी मांगों को लेकर एक मजबूत आंदोलन की तैयारी की है, जिसमें वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हमले और उनके खिलाफ कार्रवाई से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को खतरा है, और इसलिए उनकी मांगों पर तत्काल विचार करना आवश्यक है।

5
203 views

Comment